अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रोकने का क्रेडिट ले रहे हैं।
अब उन्होंने दावा किया है कि दोनों मुल्कों के बीच परमाणु युद्ध छिड़ने वाला था। खास बात है कि भारत लगातार इस दावे को खारिज करता रहा है कि संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका थी।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भी कार्रवाई की थी।
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, ‘हम युद्ध रुकवाने में काफी सफल रहे हैं। भारत और पाकिस्तान को देख लें… जिस तरह से चल रहा था, वैसे भारत और पाकिस्तान में एक और सप्ताह में परमाणु युद्ध छिड़ जाता।
वो बहुत बुरी तरह से चल रहा था। हमने उसे व्यापार की मदद से सुलझाया। मैंने कहा कि जब तक आप इसका समाधान नहीं करेंगे, तब तक हम आपसे व्यापार के बारे में बात नहीं करेंगे। और उन्होंने ऐसा किया…।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो। पहले भी वह कई मौकों पर कहते रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने में उन्होंने भूमिका निभाई है।
विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी इस तरह का दावा कर चुके हैं। बीते सप्ताह उन्होंने कहा था, ‘ष्ट्रपति महोदय, मैं यहां एक सूची पर नजर दौड़ा रहा हूं… घरेलू स्तर पर हासिल की गई इन सभी उपलब्धियों (की सूची) पर… हमने आपके नेतृत्व में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया और उसे समाप्त करवाया।’
खास बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष से संपर्क साधा था। खबर है कि उन्होंने सभी सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया था।
भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए थे, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम के सामने सब फेल थे।
इस ऑपरेशन में भारतीय पक्ष को कोई नुकसान नहीं हुआ था। हाल में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है।