भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मौजूदा पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार के रुख सराहना करते हुए स्वीकार किया कि भारत विश्वभर में तेल कीमतों को स्थिर रखने में ”महत्वपूर्ण भूमिका” निभाता है।
साथ ही उन्होंने हार्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जो पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकती है।
एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में शुक्रवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, ”आज ईरान हार्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रहा है।
ईरानी बिना सोचे-समझे व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिनमें भारतीय भी निशाना बन रहे हैं।
दुर्भाग्यवश पिछले कुछ दिनों में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इसलिए हम सचमुच एक अलग माहौल में हैं और इसलिए आज भारत इसे समझता है।
भारत हमारे लिए एक महत्वपूर्ण साझीदार है ताकि ये कीमतें विश्वभर में स्थिर बनी रहें। इसलिए हम सचमुच भारत की सराहना करते हैं जो अमेरिका और वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि तेल की कीमतें विश्वभर में स्थिर रहें।”
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टरों और उन्नत तकनीक के चारों ओर रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं की अगली पीढ़ी के निर्माण में भारत को एक विश्वसनीय साझीदार मानता है।
गोर ने तकनीक-आधारित वैश्विक व्यवस्था ”पैक्स सिलिका” के उभरते सिद्धांत पर कहा कि भारत का इस ढांचे में पहले समूह के देशों में शामिल होना दोनों लोकतंत्रों के बीच गहरे विश्वास को दर्शाता है।
जबकि ऊर्जा संसाधन जैसे तेल ने ऐतिहासिक रूप से भू-राजनीति को आकार दिया है, भविष्य की रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेजी से उन्नत तकनीकों और डिजिटल अवसंरचना के चारों ओर घूमेगी।
गोर ने कहा, ”यदि आप उन 10 व्यक्तियों, 10 देशों की सूची को देखें, जिन्होंने इसमें शामिल होने पर हस्ताक्षर किए हैं, तो मेरे लिए यह एक अद्भुत अवसर है कि दुनिया में पहले लोगों में से एक जिसे हमने कहा कि हम किस पर भरोसा करते हैं, वह भारत है।”