भारत सरकार के निर्देश पर किसानों के किसान पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं। जिले में कुल 65 हजार किसानों में से 50,034 किसानों के किसान पहचान पत्र बन गए हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले जिले के कुल 38,412 किसानों में से 36 हजार किसानों ने अब तक किसान पहचान पत्र बनवाए हैं।
75 प्रतिशत किसानों के पहचान पत्र बन गए
भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत कृषि व राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 75 प्रतिशत किसानों के पहचान पत्र बन गए हैं, शेष किसानों को पहचान पत्र बनवाने के लिए मई माह तक का समय दिया गया है।
31 मई 2026 से प्रदेश में उन्हीं किसानों को सरकारी योजना का लाभ मिलेगा, जिनके पास किसान पहचान पत्र होगा। सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए किसान पहचान पत्र को ही आधार माना जाएगा।
प्रमुख सचिव ने शासनादेश जारी किया
उप कृषि निदेशक राम जतन मिश्र ने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब किसानों को किसान पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य होगा। इस संबंध में बुधवार को प्रमुख सचिव ने शासनादेश जारी किया है।
जिले में अब तक जिन किसानों के किसान पहचान पत्र नहीं बने हैं, उनके किसान पहचान पत्र बनवाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत, सहकारी समितियों, गन्ना समितियों के कार्यालय पर शिविर लगाए जाएंगे।
किसान स्वयं भी और जनसेवा केंद्र पर जाकर भी किसान पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।