सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है कि केवल राष्ट्रीय राजधानी को ही हरियाली की जरूरत है।
दिल्ली रिज से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि हरियाली के मुद्दे पर समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
दिल्ली रिज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अरावली श्रृंखला का विस्तार है। यह चट्टानी, पहाड़ी वन क्षेत्र है। यह 7,784 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है।
पीठ ने कहा, हमें इस मानसिकता से बाहर निकलने की आवश्यकता है कि केवल दिल्ली को ही हरियाली की जरूरत है और अन्य कमतर हैं।
सुप्रीम कोर्ट का हरियाली पर जोर दिया
यदि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) पूरे देश के लिए हरियाली के मामलों को संभाल सकती है तो दिल्ली में वह इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं संभाल सकती।
दिल्ली में ऐसा क्या खास है? शीर्ष अदालत ने पूछा कि हरियाली से संबंधित कितनी वैधानिक और गैर-वैधानिक संस्थाएं हैं और उनका कार्यक्षेत्र क्या है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने सुप्रीम कोर्ट के 11 नवंबर के फैसले का हवाला दिया, जिसमें केंद्र सरकार को दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) को वैधानिक दर्जा देने और इसे रिज से संबंधित सभी मामलों के लिए ¨सगल विंडो प्राधिकरण बनाने का निर्देश दिया गया था।
SC ने जारी की अधिसूचना
लंबे समय से चल रहे पर्यावरण मामले, टीएन गोदावर्मन थिरुमुलपद बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर का फैसला सुनाया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र के वकील ने कहा कि डीआरएमबी के गठन के लिए एक दिसंबर को अधिसूचना जारी की गई थी।
पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह वन और हरेभरे क्षेत्रों के प्रबंधन से संबंधित वैधानिक या गैर-वैधानिक समितियों के गठन के विवरण के साथ दो सप्ताह के भीतर हलफनामा रिकार्ड पर रखे। उसके बाद मामले की सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की जानकारी संचालन क्षेत्र को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने के लिए आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान, पीठ को बताया गया कि विभिन्न समितियां राष्ट्रीय राजधानी और देशभर में हरियाली के मुद्दे पर विचार कर रही हैं। दिल्ली रिज क्षेत्र के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी डीआरएमबी की है, वहीं सीईसी देशभर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली से संबंधित मुद्दों को संभालती है।