वैदिक पंचांग के अनुसार, 02 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन भगवन विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही पवित्र नदी में स्नान किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन इन शुभ कामों को करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और बिगड़े काम पूरे होते हैं। इस दिन तुलसी पूजन करना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन तुलसी से जुड़े उपाय करने से घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है और धन लाभ के योग बनते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं चैत्र पूर्णिमा के दिन किन उपायों से मां तुलसी को प्रसन्न किया जा सकता है।
धन से भरी रहेगी तिजोरी
अगर आप धन लाभ के योग चाहते हैं, तो चैत्र पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद जल में कच्चा दूध मिलाकर तुलसी में अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और हमेशा धन से तिजोरी भरी रहती है।
घर में होगा मां लक्ष्मी का आगमन
चैत्र पूर्णिमा का दिन देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन शाम को तुलसी के पास देसी घी का दीपक जलाएं। पौधे की 5 या 7 परिक्रमा लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक तंगी की समस्या दूर होती है।
रिश्ते होंगे मजबूत
वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए चैत्र पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन करें। पौधे के तने पर 7 बार रक्षासूत्र लपेटें। तुलसी माता लाल रंग की चुनरी ओढ़ाएं। वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए मां तुलसी से प्रार्थना करें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है और पति-पत्नी के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं।
कामों में मिलेगी सफलता
अगर आपको कामों में सफलता नहीं मिल रही है, तो चैत्र पूर्णिमा का दिन मां तुलसी की पूजा करें। इस दौरान तुलसी नामाष्टक या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इसका पाठ करने से साधक को सभी कामों में सफलता मिलती है और मानसिक शांति मिलती है।
कब है चैत्र पूर्णिमा 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, 02 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाएगी।
चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 01 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर
चैत्र पूर्णिमा तिथि का समापन- 02 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर
चंद्रोदय का समय- शाम 07 बजकर 02 मिनट पर