अरुणाचल प्रदेश में खुदकुशी के दोहरे मामले में IAS अधिकारी तालो पोटोम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है।
23 अक्टूबर को एक 19 साल के शख्स ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए खुदकुशी कर ली थी। दिल्ली सरकार में PWD में सचिव के तौर पर तैनात पोटोम इस समय फरार हैं।
पीड़ित के परिवार का कहना है कि पोटोम की वजह से ही पीड़ित ने खुदकुशी की थी। परिवार ने कहा कि जब तक आईएएस गिरफ्तार नहीं हो जाते, वे शव भी नहीं स्वीकार करेंगे।
19 साल के शख्स के अलावा रूरल वर्क डिपार्टमेंट के एक इंजीनियर ने भी खुद को गोली मार ली थी।
पीड़ित किशोर ने दावा किया था कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया और उसके साथ धोखेबाजी की गई। उसने एक अधिकारी पर आरोप लगाया था कि जान-बूझकर उसे एचआईवी पॉजिटिव कर दिया गया और फिर ब्लैकमेल किया गया।
उसने अपने सुसाइड नोट में तालो पोटोम को भी जिम्मेदार ठहराया था। उसने कहा, अगर उन्होंने मुझे इस पद पर ना नियुक्त किया होता तो मैं आत्महत्या नहीं करता।
मैंने जो कुछ भी किया उनकी वजह से ही किया और मेरे पास जीने का कोई रास्ता नहीं बचा था। पीड़ित के पिता ने नीरूजी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई।
इस में अरुणाचल प्रदेश की पुलिस ने एक एसआईटी गठित की है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच और आत्महत्या के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि एईएएस पोटोम को तलाश करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या करने वाले इंजीनियर ने भी अपने नोट में एचआईवी पॉजिटिव होने की बात कही थी।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने कहा कि पोटोम की गिरफ्तारी के बाद उनका भी एचआईवी टेस्ट करवाया जाएगा।