बंगाल में बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी संगठनों द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई राज्यव्यापी हड़ताल के मद्देनजर ममता बनर्जी सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है।
राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ ने स्पष्ट कर दिया है कि हड़ताल के दिन दफ्तरों से नदारद रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनका उस दिन का वेतन काट लिया जाएगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशिका के अनुसार, शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
सरकार ने साफ किया है कि इस दिन किसी भी प्रकार का आकस्मिक अवकाश (सीएल) या आधे दिन की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी। बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सेवा में उस दिन को ‘डाइस-नान’ (सेवा में व्यवधान) माना जाएगा, जिसका सीधा असर उनके वेतन और सेवा रिकार्ड पर पड़ेगा।
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे अस्पताल में भर्ती होने, परिवार में शोक या 12 मार्च से पहले से स्वीकृत मातृत्व और चिकित्सा अवकाश को इस दायरे से बाहर रखा गया है। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया जाएगा।
संतोषजनक उत्तर न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार ने सभी विभागों को 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशासनिक कामकाज में कोई बाधा न आए।