हमास और हिजबुल्लाह से लेकर अली खामेनेई तक… इजरायल ने दुश्मनों का नामोनिशान मिटाया, अब मिडिल ईस्ट का अगला ताकतवर कौन होगा?…

हमास, हूती, हिजबुल्लाह और अब ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया कर इजरायल ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने सबसे बड़े दुश्मनों तक पहुंचकर उन्हें खत्म करने की ताकत रखता है।

अयातुल्ला खामेनेई की मौत और ईरान के सैन्य ढांचे की तबाही के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मिडिल ईस्ट की कमान सिर्फ इजरायल के हाथों में होगी?

दरअसल, इजरायल-अमेरिका द्वारा किए ईरान पर हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 40 टॉप कमांडरों की मौत के बाद ट्रंप ने दावा किया है कि अब झुक गया है और बातचीत के लिए तैयार हो गया है।

कभी अमेरिका की मदद से तो कभी बगैर किसी से मदद लिए, पेजर से लेकर सटीक मिसाइलों और बंकर उड़ाने वाले बमों तक, इजरायल ने गाजा, लेबनान, यमन और अब ईरान में अपने बड़े विरोधियों को निशाना बनाकर खत्म कर दिया है।

दशकों तक जिस ईरान ने इजरायल को चुनौती दी, आज उसके सुप्रीम लीडर को ही खत्म कर दिया।

मिडिल ईस्ट का बॉस कौन?

इजरायल और अमेरिका के हमलों से ईरान पूरी तरह टूट गया है। हमास, हिजबुल्लाह, हूती नेतृत्व और अब ईरान के सुप्रीम लीडर के खात्मे के बाद मिडिल ईस्ट में इजरायल ने न केवल अपनी सैन्य श्रेष्ठता साबित की है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यूएई और बहरीन जैसे देशों को अपने पाले में कर लिया है।

ऐसे में अब यह कहना भी गलत नहीं है कि मिडिल ईस्‍ट का बॉस इजरायल होगा।

गौरतलब है कि लंबे समय से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू ईरान को बातचीत के जरिए समझाने की कोशिश कर रहे थे।

ट्रंप ने साफ कर दिया था कि वह ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने दे सकता है। लेकिन ईरान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं था।

ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई लगातार परमाणु शक्ति बनाने की दिशा में काम करा रहे थे। ऐसे में खामनेई की मौत को प्रतिरोध की धुरी के खात्मे की तरह देखा जा रहा है।

ये देश पहले ही सुधार चुके हैं संबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है। हमलों से हुए नुकसान के बाद ईरान इस स्थिति में नहीं है कि वह अपनी शर्तें रख सके।

ऐसे में इजरायल का दबदबा अब ईरान पर भी कायम हो सकता है। क्योंकि, यूएई, बहरीन और मोरक्को जैसे देश पहले ही इजरायल के साथ संबंध सामान्य कर चुके हैं।

यूएई से इजरायल के संबंध
यूएई और इजरायल में साल 2020 के बीच कई अहम समझौते हुए थे। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी अच्छे हैं। 2020 के बाद यूएई और इजरायल कई क्षेत्रों में समझौते कर चुके हैं

बहरीन से इजरायल के संबंध
बहरीन और इजरायल के संबंध 2020 के अब्राहम समझौते के बाद से बेहतर हुए हैं। साल 2023-24 में दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा और कई गुना वृद्धि की।

मोरक्को से इजरायल के संबंध
मोरक्को और इजरायल के बीच दिसंबर 2020 में अमेरिकी मध्यस्थता से अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत औपचारिक संबंध स्थापित हुए। इसके बाद से दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होते जा रहे हैं।

वैश्विक निवेश की ओर यूएई और सऊदी अरब

वहीं, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी दे आर्थिक आधुनिकीकरण के साथ-साथ वैश्विक निवेश आकर्षण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

सबसे खास बात यह है कि इजरायल इनका साथ दे रहा है। लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी लगातार तनाव से वैश्विक निवेशकों का विश्वास लागातर कमजोर हो रहा है।

क्या मिडिल ईस्ट में चीन और रूस भी देंगे दखल?

इजरायल-अमेरिका ने जब मिलकर ईरान पर हमला किया तो ईरान के समर्थन में कोई नहीं खड़ा हुआ। चीन और रूस जैसे देश भी ईरान के साथ नहीं आए।

हालांकि, यूएनएससी में जरूर ईरान पर हुए हमले की निंदा की। लेकिन ईरान की मदद के लिए आगे नहीं आया।

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