पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और भारी बम तैनात किए हैं। यह इलाका दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।
अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान के हथियारों और सैन्य ठिकानों को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ईरान की उन सभी ताकतों को निशाना बना रहा है जो इस अहम समुद्री रास्ते के लिए खतरा हैं।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना अब तक 120 से ज्यादा नावों और 44 माइन बिछाने वाले जहाजों को निशाना बना चुकी है। साथ ही, हमले लगातार जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर और गहराई तक कार्रवाई की जाएगी।
सैन्य तैनाती हुई तेज
अमेरिका ने इस अभियान में A-10 वार्थॉग लड़ाकू विमान और AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया है। इनकी मदद से ईरानी नावों, ड्रोन और हथियारों को निशाना बनाया जा रहा है।
इसके अलावा अमेरिका ने ईरान के भूमिगत ठिकानों पर 5000 पाउंड के भारी बम भी गिराए हैं, ताकि वहां छिपे हथियारों को नष्ट किया जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सेना भेजने का विकल्प भी खुला है, हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह सभी विकल्प खुले रख रहे हैं।
इजरायल के हमले भी जारी
इस बीच इजरायल ने भी ईरान के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। पिछले 36 घंटों में 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
इजरायली सेना का कहना है कि वह ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है, ताकि क्षेत्र में होने वाले हमलों को रोका जा सके।