अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बीच एक अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को 3 अप्रैल को दक्षिण-पश्चिमी ईरान के पहाड़ी इलाके में मार गिराया गया। विमान के दोनों चालक सदस्यों ने इजेक्ट कर अपनी जान बचाई, लेकिन हथियार प्रणाली अधिकारी (डब्ल्यूएसओ) दो दिनों तक दुश्मन क्षेत्र में छिपे रहने के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने रेस्क्यू किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को सैन्य इतिहास की सबसे साहसिक बचाव कार्रवाइयों में से एक बताया। एयरमैन घायल होने के बावजूद सुरक्षित है।
संदिग्ध रेडियो संदेश ने मचाई हलचल
विमान के गिरने के बाद हथियार प्रणाली अधिकारी ने रेडियो पर एक छोटा मैसेज भेजा था कि गॉड इज गुड मतलब भगवान अच्छा है। ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि उन्होंने शुरू में इसे पावर बी टू गॉड सुना और सोचा कि यह कोई ईरानी जाल हो सकता है, क्योंकि यह किसी मुस्लिम द्वारा कहे जाने जैसा लग रहा था।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि अधिकारी धार्मिक स्वभाव के हैं और यह उनके व्यक्तित्व से मेल खाता है। रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने भी एक्स पर गॉड इज गुड पोस्ट किया। इस संदेश से वाशिंगटन में शुरुआती शंका हुई, लेकिन यह अमेरिकी बलों को उसकी जीवित स्थिति की पहली पुष्टि हुई।
पहाड़ों में अकेले 48 घंटे की लड़ाई
एयरमैन ने बातचीत के मशिन, ट्रैकिंग बिकन और केवल एक हैंडगन के साथ ईरानी बलों से बचते हुए 7000 फीट ऊंची चोटी पर छिपकर समय बिताया। वह पहाड़ी दरार में छिपा रहा, लगातार स्थान बदलता रहा और एक बार 7000 फीट की रिजलाइन चढ़कर पीछा करने वालों से आगे निकला। अमेरिका को भी उसका सटीक स्थान 24 घंटे से अधिक समय तक पता नहीं चला।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सीआईए ने अपनी विशेष क्षमताओं का इस्तेमाल कर पहाड़ी इलाके में उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। ईरानी बल और स्थानीय लोग उसे ढूंढने के लिए दौड़ रहे थे, लेकिन वह लगातार आगे बढ़ता रहा।
स्पेशल फोर्सेस का रेस्क्यू अभियान
सीआईए द्वारा सटीक लोकेशन कन्फर्म होने के बाद व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सैन्य बलों को सूचना दी गई। शनिवार रात स्पेशल फोर्सेस की टीम को निकटवर्ती इलाके में उतारा गया। करीब 200 सैनिकों वाले इस ऑपरेशन में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यह बहादुर योद्धा दुश्मन क्षेत्र में ईरान के खतारनाक पहाड़ों में था, जहां हमारे दुश्मन घंटे-घंटे करीब आ रहे थे। उन्होंने इसे सैन्य इतिहास में पहली बार बताया जब दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग दुश्मन क्षेत्र से बचाया गया। एयरमैन घायल है, लेकिन ट्रंप के अनुसार वह ठीक हो जाएगा।