ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या के बाद कड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि इस हत्या का बदला लिया जाएगा और “हर खून की कीमत” अमेरिका और इजरायल को चुकानी होगी।
मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि ऐसे हमले दुश्मनों की दुश्मनी को दिखाते हैं, लेकिन इससे इस्लामी राष्ट्र का हौसला और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि लारीजानी के मामले में न्याय जरूर मिलेगा।
लारीजानी को बताया अहम नेता
अपने बयान में मोजतबा खामेनेई ने अली लारीजानी को एक समझदार और दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि लारीजानी के पास कई क्षेत्रों का अनुभव था और उनकी हत्या से यह साफ होता है कि वह कितने अहम थे।
खामेनेई ने कहा कि दुश्मनों की नफरत ही इस बात का सबूत है कि लारीजानी का महत्व कितना बड़ा था।
मोजतबा खामेनेई ने ‘इस्लाम विरोधी ताकतों’ को चेतावनी देते हुए कहा कि इस खून से इस्लामी व्यवस्था और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा और इसके जिम्मेदार लोगों को जल्द इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने अपने बयान के अंत में लारीजानी के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।
युद्ध के बीच बढ़ा तनाव
लारीजानी की हत्या ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष जारी है। यह युद्ध तब शुरू हुआ था जब पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई सैन्य कमांडरों की हत्या हुई थी। अब लगातार हो रहे हमलों से ईरान के बड़े नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
बता दें, अली लारीजानी को ईरान की सत्ता में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता माना जाता था। वह पहले देश के परमाणु वार्ताकार भी रह चुके थे और 2005 में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख बने थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के खिलाफ थे।
ईरान का जवाबी रुख
ईरान पहले ही लारीजानी की हत्या का बदला लेने की बात कह चुका है। देश के सेना प्रमुख आमिर हातमी ने कहा है कि इस हमले का जवाब ‘कड़ा और याद रखने वाला’ होगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।