ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को दिए खतरनाक हथियार, राफेल को भी बदनाम करने की कोशिश; रिपोर्ट में खुलासा…

 द्विदलीय अमेरिकी आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष को चीन ने अपने सबसे आधुनिक हथियारों का “लाइव कॉम्बैट टेस्टिंग ग्राउंड” बना दिया। चीन ने अपनी रक्षा क्षमताओं का परीक्षण और प्रचार के मकसद से पाकिस्तान को हथियारों की मदद की।

दरअसल, मंगलवार को प्रकाशित यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का लाभ उठाया ताकि वह अपने हथियारों का परीक्षण और प्रचार कर सके।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन को संघर्ष के दौरान ऐसा मौका पहली बार मिला था, जब उसने आधुनिक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया था।

उनमें HQ-9 वायु रक्षा प्रणाली, PL-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और J-10 लड़ाकू विमान शामिल हैं। जो वास्तविक दुनिया में एक क्षेत्रीय प्रयोग था।

चीन ने किया अपने हथियार का प्रचार

भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद कथित तौर पर चीन ने जून में पाकिस्तान को 40 J-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू जेट, KJ-500 विमान और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली बेचने की पेशकश की।

यही नहीं संघर्ष के कुछ हफ्तों बाद ही चीनी दुतावास ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष में अपने सिस्टम की सफलताओं की प्रशंसा की, जिसका उद्देश्य हथियार बिक्री को बढ़ावा देना था।

राफेल को बदनाम करने की कोशिश

रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू जेट को बदनाम करने की कोशिश की। फ्रांसीसी खुफिया जानकारी के अनुसार, चीन ने अपने J-35 के पक्ष में फ्रांसीसी राफेल की बिक्री में बाधा डालने के लिए एक दुष्प्रचार अभियान शुरू किया।

चीन ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल करके AI और वीडियो गेम की तस्वीरों को प्रचारित किया, जिसमें चीन के हथियारों द्वारा नष्ट किए गए विमानों के कथित मलबे को दिखाया गया।

चीन ने बताया गलत

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में राफेल के बारे में दुष्प्रचार अभियान के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा, “आपने जिस तथाकथित ‘आयोग’ का उल्लेख किया है, वह हमेशा चीन के खिलाफ वैचारिक पूर्वाग्रह रखता है और इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।”

कब हुआ था ऑपरेशन सिंदूर?

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए। इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। भारत को इस हमले के सीमापार संबंध का पता चला और उसने 7 मई को ‘ ऑपरेशन सिंदूर ‘ शुरू किया।

इस दौरान कई आतंकी शिविरों को तबाह किया। जिसके बाद तनाव चरम पर पहुंच गया। इस दौरान पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, लेकिन भारतीय सेना ने खतरे को नाकाम कर दिया गया। चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद 10 मई को संघर्ष विराम हुआ।

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