शव दान कर देना: डिजिटल अरेस्ट से परेशान दंपती ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में चौंकाने वाले खुलासे…

कर्नाटक के बेलागावी में एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है।

यहां साइबर ठगों और डिजिटल अरेस्ट से परेशान होकर एक दंपती ने खुदकुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग दंपती 80 साल से ऊपर थे।

रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और उनकी पत्नी पिछले तीन महीने से साइबर ठगों से परेशान थे।

पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामले में मौत का यह पहला मामला है। बेलागावी के खानापुर स्थित आवास में 83 साल के डिएगो सांतन नजरेठ और उनकी पत्नी फ्लावियाना (80 साल) का शव पाया गया।

डिएगो ने एक सुइसाइड नोट में लिखा था कि ठगों ने उनसे पांच लाख रुपये ले लिए। उनकी कोई संतान भी नहीं थी। उन्होंने पुलिस या फिर पड़ोसियों को भी कोई जानकारी नही्ं दी थी।

फ्लाविना का शव घर के अंदर पाया गया था जबकि डिएगो का शव घर के बाहर की नाली से निकाला गया।

पुलिस का कहना है कि दोनों ने ही जहरीली गोलियां खाकर खुदकुशी की है। डिएगो ने गोलियां खाने के बाद अपना गला रेतने की कोशिश की और इसके बाद पानी की टंकी में कूद गए।

डिएगो महाराष्ट्र सरकार में कर्मचारी थे। उन्होंने सूइसाइड नोट में लिखा कि सुमित बिरा और अनिल यादव नाम के शख्स जनवरी से ही उन्हें परेशान कर रहे थे।

वे दिल्ली के टेलिकॉम अधिकारी बनकर फोन करते थे। वे दंपती का सिम कार्ड भी आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने लगे थे।

नोट में उन्होंने लिखा कि वे डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देते थे। एक बार वे पांच लाख रुपये ठग चुके थे और फिर से ज्यादा पैसों की मांग कर रहे थे।

डिएगो ने नोट में यह भी लिखा था कि उन्होंने गोवा और मुंबई में लोगों से कर्ज और सोना लिया हुआ था। उन्होंने कहा था कि अपनी संपत्ति बेचकर वह कर्ज उतारेंगे।

डिएगो ने यह भी लिखा कि वे चाहते हैं कि मरने के बाद उनका शव बेलागावी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को शोध के लिए दान कर दिया जाए।

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