डोनल्ड ट्रंप ने पहली बार 2017 में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वहीं दूसरी बार में वे 2025 में राष्ट्रपति चुने गए। ट्रंप दुनिया के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले राष्ट्रपति में से एक हैं। इसके पीछे की वजह उनके फैसले हैं।
डोनल्ड ट्रंप जब पहली बार राष्ट्रपति बने थे, तब उन्होंने पूरे पांच साल शासन किया था। ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लिए हुए अभी केवल एक साल से ही ज्यादा समय बीता है, लेकिन ट्रंप के फैसले पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
डोनल्ड ट्रंप के फैसलों से दुनिया हैरान
डोनल्ड ट्रंप ने अपने शासनकाल में अब तक जो भी फैसले लिए हैं, उनका प्रभाव अमेरिकी जनता के साथ ही पूरी दुनिया पर देखने को मिला है।
ट्रंप ने हाल ही में ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ है, वहीं इससे पहले वेनेजुएला पर हमला किया था। US-Visa के मुद्दे ने भी लोगों पर प्रभाव डाला है। वहीं अमेरिका के टैरिफ ने भी कई देशों को परेशान किया है।
ट्रंप के 10 बड़े फैसले
ट्रंप ने अपने फैसलों से हर बार दुनिया को चौंकाया है। आइए जनाते हैं ट्रंप के वो 10 बड़े फैसले, जिसका असर दुनिया के बाकी देशों पर भी देखने को मिला है।
1. इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला
अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर 28 फरवरी को हमला कर दिया था। अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ये युद्ध अभी भी जारी है।
अमेरिका-इजरायल के शुरू किए इस युद्ध में खाड़ी देश भी शामिल हो गए हैं। इस युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर असर पड़ा है। वहीं इजरायल और ईरान समेत संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, लेबनान और सऊदी अरब में तबाही मची है।
2. वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बनाया बंधक
अमेरिकी सेना ने 2 से 3 जनवरी की दरमियानी रात वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक की। इस सैन्य अभियान में अमेरिकी सेना वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को बंधक बनाकर अमेरिका ले गई।
3. ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अपनी कैद में लेने के कुछ दिन बाद ही डोनल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात कहनी शुरू कर दी थी।
ट्रंप ने कहा था, ‘हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है और डेनमार्क ऐसा नहीं कर पाएगा।’ ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला भी उसके तेल भंडारण को देखते हुए किया था, वहीं ग्रीनलैंड के दुर्लभ खनिजों की वजह से ट्रंप ने इस पर भी कब्जा करने की कोशिश की।
4. भारत सहित तमाम देशों पर टैरिफ
ट्रंप ने अमेरिका के फायदे का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाया, जिसका असर भारत पर भी देखने को मिला। ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था।
ट्रंप ने बाद में दावा किया कि भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा है। इसके लिए अमेरिका ने अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया, जिससे भारत पर टोटल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया।
ट्रंप ने बाद में दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिसके बाद अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटा दिया गया। अमेरिका ने बाद में भारत से डील के बाद 25 प्रतिशत टैरिफ को 18 प्रतिशत कर दिया।
5. पेरिस जलवायु समझौते से हटना
अमेरिका का दूसरी बार राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कई आदेशों को रद कर दिया। उन्होंने अमेरिका को पेरिस जलवायु संधि से अलग कर लिया।
6. H-1B वीजा पर सख्ती
डोनल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा को लेकर कई सख्त नियम दिए हैं। एच-1बी वीजा कार्यक्रम का उपयोग अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों की नियुक्त के लिए करती हैं। बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर एच-1बी वीजा धारक हैं।
7. नॉन-UN ऑर्गेनाइजेशन से खुद को बाहर करना
ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लिया और अमेरिका 60 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हट गया, जिनमें यूनाइटेड नेशन्स (UN) की संस्थाएं और भारत-फ्रांस के नेतृत्व वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी शामिल था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जनवरी 2026 को एक मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर किए, जिसका शीर्षक था, ‘उन अंतरराष्ट्रीय संगठनों, समझौतों और संधियों से अमेरिका को हटाना जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हैं।’
8. अमेरिका का ‘गैग रूल’
ट्रंप ने मेक्सिको सिटी नीति को फिर से लागू कर दिया। इस नीति के तहत, उन विदेशी संगठनों को अमेरिका से मिलने वाली फंडिंग रोक दी गई है जो गर्भपात सेवाएं प्रदान करते हैं, मरीजों को इस प्रक्रिया के बारे में परामर्श देते हैं या गर्भपात के अधिकारों की वकालत करते हैं।
9. अमेरिका में लिंग की परिभाषा में बदलाव
ट्रंप ने जनवरी में ही एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें अमेरिकी सरकार को केवल दो लिंग- पुरुष और महिला, को ही मान्यता देने का निर्देश दिया गया। ट्रंप ने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका में अब सरकार की आधिकारिक नीति के अनुसार देश में केवल दो ही लिंग होंगे।’
अमेरिका में इस आदेश के तहत, पासपोर्ट और वीजा सहित सभी संघीय पहचान दस्तावेजों में लिंग पहचान के बजाय सिर्फ दो जेंडर Male और Female को अनिवार्य कर दिया गया।
10. एलियन एनिमीज एक्ट का इस्तेमाल
डोनल्ड ट्रंप ने मार्च में वेनेजुएला के गैंग ट्रेन डे अरागुआ को अमेरिका से निकालने की प्रक्रिया तेज करने के लिए 1798 के ‘एलियन एनिमीज एक्ट’ का इस्तेमाल किया। यह एक ऐसा कानून है जिसका इस्तेमाल युद्ध के समय में बहुत कम किया जाता है।
ट्रंप ने दावा किया कि यह गैंग वेनेज़ुएला की सरकार के समर्थन से काम कर रहा था। व्हाइट हाउस ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘इसका नतीजा एक ऐसा ‘हाइब्रिड क्रिमिनल स्टेट’ (अपराधी-राज्य) है, जो अमेरिका पर हमला कर रहा है और देश में घुसपैठ करके उसे नुकसान पहुंचा रहा है।’