अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “ऐसी खबरें आ रही हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से फीस वसूल रहा है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, और अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें अभी रुक जाना चाहिए।” ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके ईरान को चेतावनी दी है।
अमेरिका ने तेहरान को संघर्ष विराम समझौते की याद दिलाई
वहीं, एक अन्य पोस्ट में, ट्रंप ने ईरान पर बहुत खराब काम करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही तेहरान को अस्थायी संघर्ष विराम समझौते की याद भी दिलाई। उन्होंने कहा, “ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल को गुजरने देने के मामले में बहुत खराब काम कर रहा है, कुछ लोग इसे अपमानजनक भी कह सकते हैं। हमारा समझौता ऐसा नहीं है।”
इसके अलावा युद्धविराम पर मीडिया के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने गुस्सा जाहिर किया और उन्होंने आगे कहा, “बहुत जल्द, आप देखेंगे कि तेल का बहाव शुरू हो जाएगा, चाहे ईरान की मदद मिले या न मिले।” जबकि जब से युद्धविराम की घोषणा हुई है। तब से सिर्फ 10 तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं।
पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान करेंगे बातचीत
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शनिवार को पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत करेंगे। विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद, जेरेड कुशनर भी इस्लामाबाद जा रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रधान उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने गुरुवार को AFP को दिए एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति को उम्मीद है कि एक ऐसा समझौता हो सकता है जिससे मध्य पूर्व में स्थायी शांति आ सके।” इस बीच, विदेश विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि इजरायल और लेबनान अगले हफ्ते वॉशिंगटन में बातचीत करेंगे।
बता दें कि, संघर्ष विराम पर पहले से ही खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहराते जा रहे हैं। इससे पहले, तेहरान ने इजरायल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था, क्योंकि उसने लेबनान पर हवाई हमला कर दिया था।
हालांकि, वाशिंगटन और इजरायल दोनों ने युद्धविराम की घोषणा के बाद से ही यह रुख बनाए रखा था कि, संघर्ष विराम का लेबनान से कोई लेना देना नहीं है।
इस मतभेद ने कूटनीतिक प्रयासों को और अधिक जटिल बना दिया है और युद्धविराम टूटने का खतरा बढ़ा दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि “लेबनान में कोई संघर्ष विराम नहीं है, और उन्होंने हिजबुल्लाह के खिलाफ पूरी ताकत के साथ सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।”