‘क्या आप चाहते हैं कि हम पूरा देश चला दें?’ इस टिप्पणी पर सीजेआई भड़क गए।
सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों, पुलों और बिजली के तारों के रखरखाव जैसे व्यापक निर्देशों की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि आप चाहते हैं कि हम पूरा देश चलाएं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि याचिका एक ”शॉपिंग माल” की तरह है, जिसमें हर तरह की राहतें मांगी गई हैं।
पीठ ने कहा-जब तक उठाए गए मुद्दे विशिष्ट न हों, तब तक ऐसे निर्देश जारी करना लगभग असंभव है, जिनका पालन करना पूरी तरह से मुश्किल होगा। हम इस रिट याचिका पर विचार करने से इन्कार करते हैं। याचिकाकर्ता को छूट होगी कि यदि वह चाहे तो संबंधित हाई कोर्ट जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह मामले की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है। कहा कि याचिका में मांगे गए निर्देशों के वित्तीय निहितार्थ होंगे। संबंधित राज्यों की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए हाई कोर्ट सबसे उपयुक्त है।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण देशभर में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा, आप चाहते हैं कि हम पूरे देश को चलाएं। आपकी याचिका किसी शोरूम या शॉपिंग माल की तरह है। गड्ढों की मरम्मत से लेकर सड़कों को साफ करने, पुलों जैसी अधूरी संरचनाओं को पूरा करने तक..सब कुछ इसमें मौजूद है। धरती पर किसी भी समस्या का नाम लीजिए, वह सब इसमें मिल जाएगा।