केंद्र सरकार पर ”हिंदी थोपने” के नए आरोपों के बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तिरुचिरापल्ली के एक रेलवे कार्यालय में तमिल नामों के हिंदी रूपांतरणों पर काला रंग पोत दिया।
दिन की शुरुआत में इस बार ”एक भाषा, तीन लिपियां” के बहाने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने फिर केंद्र सरकार पर तमिलनाडु में ”हिंदी थोपने” का आरोप लगाया।
स्टालिन ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ”भाजपा सरकार प्रवेश द्वार पर हिंदी थोपने का काम कर रही है! भाजपा हिंदी थोपने के अपने पागलपन में सभी सीमाएं पार कर रही है!
केंद्रीय भाजपा सरकार ने ‘एक भाषा, तीन लिपियां’ के दृष्टिकोण को अपनाकर प्तहिंदीइंपोजिशन का घृणित कार्य किया है, जहां हिंदी नामों को बस तमिल और अंग्रेजी लिपियों में लिप्यंतरण किया गया है!”
स्टालिन ने ”हिंदी थोपने” के उदाहरण साझा करते हुए आरोप लगाया कि तिरुचिरापल्ली रेलवे डिविजनल आफिस में भाजपा ने ‘कर्तव्य द्वार’ को तीन लिपियों में लिखा है। उन्होंने कर्मचारियों के भविष्य निधि (ईपीएफओ) कार्यालयों के लिए भविष्य निधि भवन नाम का उपयोग करने पर भी आपत्ति जताई।