उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की तकनीकी भर्तियों में परिणाम जारी करने में हो रही लगातार देरी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।
सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 और राज्य कृषि अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 के अभ्यर्थी रविवार को आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
उनकी मांग है कि आयोग लंबित न्यायिक प्रक्रिया का शीघ्र निस्तारण कराकर मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित करे।आयोग ने दिसंबर 2024 में सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 के तहत 604 सहायक अभियंता पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था।
प्रारंभिक परीक्षा 20 अप्रैल 2025 को आयोजित की और मई 2025 में उसका परिणाम घोषित किया। हालांकि इसके बाद भर्ती प्रक्रिया माइग्रेशन नियम को लेकर कानूनी विवाद में फंस गई।
प्रारंभिक परीक्षा में असफल कुछ अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर यह आरोप लगाया कि विज्ञापन की कंडिका-14 में वर्णित माइग्रेशन नीति का सही पालन नहीं किया गया। इस पर एकल पीठ ने प्रारंभिक परिणाम संशोधित करने का निर्देश दिया था।
अभ्यर्थियों ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य परीक्षा तो समय पर संपन्न हो गई लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हो सका है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की ओर से अदालत में प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है।
इसी तरह सम्मिलित राज्य कृषि अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 भी इसी माइग्रेशन विवाद के कारण कोर्ट में लंबित है। इस भर्ती की मुख्य परीक्षा मार्च 2025 में आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 1700 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद परिणाम घोषित नहीं हो सका।