पंजाब के मोगा जिले के बाघापुराना क्षेत्र में पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में एक अधिकारी ने जिला प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रदेश की सियासत गरमा गई है।
बताया जा रहा है कि बाघापुराना के उपमंडल अधिकारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन पर अत्यधिक दबाव बनाया गया।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया और ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया जो निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
अधिकारी के अनुसार, 17 मार्च को प्रस्तावित चुनाव उस समय पूरे नहीं हो सके जब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। इस बारे में जिला प्रशासन को समय रहते जानकारी भी दे दी गई थी। इसके बावजूद उन पर परिणाम घोषित करने के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
विपक्षीय दलों ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी पर दबाव डालकर विशेष उम्मीदवारों को जिताने की कोशिश की गई।
साथ ही यह भी कहा गया कि अधिकारी को न्याय नहीं मिल रहा है और उन्होंने सुरक्षा तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विपक्ष के नेताओं ने यह भी दावा किया कि अधिकारी ने देर रात मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा, स्थानांतरण और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने लोकतंत्र और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपों को नकारा
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पहले से ही शिकायतें मिली हुई हैं और उनकी जांच जारी है। पंचायत समिति के कुछ सदस्यों ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
इस विवाद ने ऐसे समय पर तूल पकड़ा है जब राज्य सरकार पहले से ही एक अन्य मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे में यह नया मामला पंजाब की राजनीति में और अधिक तनाव पैदा कर सकता है।