जब कोई व्यक्ति सिगरेट पीता है, तो वह अनजाने में अपनी ही सांसों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर लेता है।
जी हां, अक्सर लोग तनाव से बचने के लिए सिगरेट का सहारा लेते हैं, लेकिन हकीकत में यह किसी समस्या का हल नहीं, बल्कि हकीकत से भागने का एक तरीका है।
एक छोटी-सी खांसी से शुरू होने वाली यह लत धीरे-धीरे सांस फूलने और सीढ़ियां चढ़ने तक में परेशानी का कारण बन जाती है।
खून में घुलता 7,000 केमिकल्स का जहर
क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तंबाकू के धुएं में 7,000 से भी ज्यादा खतरनाक केमिकल्स होते हैं? डॉक्टर के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति सिगरेट का कश लगाता है, तो ये सारे रसायन सीधे खून में अवशोषित हो जाते हैं और शरीर के कोने-कोने तक पहुंच जाते हैं।
इसके कारण शरीर के डीएनए को भारी नुकसान पहुंचता है और शरीर में अंदरूनी सूजन और ‘ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस’ बढ़ जाता है। यही वजह है कि धूम्रपान का असर शरीर के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रहता।
शरीर के हर अंग पर होता है सीधा अटैक
कैलाश दीपक हॉस्पिटल के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय और डॉ. रितीशा भट्ट चेतावनी देते हैं कि धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि सिर से लेकर पैर तक शरीर के हर अंग को खोखला कर देता है: