चीन ने हाल ही में ताइवान को खरी-खोटी सुनाते हुए ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया है। चीन ने कहा है कि पश्चिमी देशों का पक्ष जीतने के लिए लाई ‘वेश्यावृत्ति’ पर उतर आए हैं।
चीन ने यह भी कहा कि लेकिन इतनी कोशिशों के बाद भी ताइवान की कोई योजना पूरी नहीं हो पाएगी।
दरअसल ताइवान के राष्ट्रपति ने इससे पहले एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने इस दौरान ट्रंप के लिए नोबेल भी मांगा।
इस सप्ताह एक अमेरिकी रेडियो शो और पॉडकास्ट के साथ एक साक्षात्कार में लाई ने कहा कि अगर ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग और हिंसा छोड़ने के लिए मना लेते हैं, तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
इस इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने कहा है कि लाई की बातें बकवास हैं और इससे पता चलता है कि वे अपने बयानों से विवाद को और बढ़ाते हैं।
बयान में कहा गया कि पिछले साल शपथ लेने के बाद से ही लाई अलगाववादी नीतियों का जमकर प्रचार कर रहे हैं। चीन ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, “वह विदेशियों की चापलूसी करने, ताइवान को बेचने और लोगों के खून-पसीने को बर्बाद करने में लगे हैं। वह वेश्यावृत्ति कर विदेशी ताकतों के साथ हाथ मिलाने में जुटे हुए हैं।”
चीन के बयान में यह भी कहा गया कि विदेशी ताकतों पर निर्भर होकर आजादी हासिल करने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी। इन बयानों पर ताइवान की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।