प्रदेश में विकास कार्यों को रफ्तार देने के साथ ही अब सरकार भी चुनावी मोड में नजर आने लगी है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अप्रैल में छह चरणों में 29 विधानसभा क्षेत्रों की चरणवार समीक्षा बैठक करेंगे।
यह निर्णय केवल प्रशासनिक कवायद भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आगामी चुनावों से पहले सरकार के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी इस समय लगातार लंबित परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। इस कड़ी में वह अब छह अप्रैल से मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करने जा रहे हैं।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे घोषणा पोर्टल पर अद्यतन जानकारी अपलोड कर पूरी तैयारी के साथ प्रस्तुतीकरण दें।
यह पहली बार है, जब इतने व्यवस्थित तरीके से सभी घोषणाओं की एक साथ समीक्षा की जा रही है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही तय होने के साथ ही राजनीतिक संदेश भी साफ जा रहा है कि सरकार काम के आधार पर जनता के बीच जाने की तैयारी में है।
शासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार छह अप्रैल को यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडौन और कोटद्वार क्षेत्रों की समीक्षा होगी।
सात अप्रैल को थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग, जबकि 10 अप्रैल को कुमाऊं के लालकुआं, भीमताल, नैनीताल, कालाढूंगी, काशीपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की समीक्षा की जाएगी।
13 अप्रैल को डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट और बागेश्वर, 15 अप्रैल को सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर तथा 16 अप्रैल को चंपावत क्षेत्र की समीक्षा प्रस्तावित है।
साफ है कि मुख्यमंत्री धामी अब घोषणाओं को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई के मूड में नहीं है। समीक्षा के दौरान कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयबद्धता पर खास नजर रखी जाएगी।