भाषा पर जारी बहस के बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव को हिंदी सहित 17 भाषाओं का ज्ञान था।
‘पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव का जीवन और विरासत’ विषय पर व्याख्यान देते हुए नायडू ने उन्हें एक महान राजनेता और दूरदर्शी व्यक्ति के रूप में याद किया, जिन पर तेलुगु समुदाय को गर्व है।
नायडू ने कहा कि उनके और राव के बीच बहुत अच्छे संबंध थे। नायडू ने राव का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘वह एक छात्र नेता, एक स्वतंत्रता सेनानी और 17 भाषाओं में पारंगत विद्वान थे।’
उन्होंने कहा, ‘अब हम सब बात कर रहे हैं कि आपको हिंदी क्यों सीखनी चाहिए? उन्होंने न केवल हिंदी का ज्ञान लिया बल्कि 17 भाषाएं सीखी। इस तरह वे एक महान व्यक्ति बन गए हैं।’
मंगलवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव एक दूरदर्शी व्यक्ति थे जिन्होंने भारत का भविष्य बदल दिया और उनके द्वारा किए गए सुधारों का आज भी फल मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘1991 से पहले भारत समाजवादी आर्थिक मॉडल अपनाए हुए था। अर्थव्यवस्था में ‘लाइसेंस राज’ था, विदेशी निवेश सीमित था… 1991 तक भारत एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा था और 1991 के मध्य तक विदेशी मुद्रा भंडार अपने सबसे निचले स्तर पर जा पहुंचा था।’’
नायडू ने कहा, ‘यह साहसिक सुधार लाने और दूरदर्शी नीति अपनाने का समय था। जून 1991 में जब राव प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने माना कि संकट एक अवसर है और भारत को साहसिक आर्थिक सुधारों की आवश्यकता है।
उन्होंने ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उन्होंने भारत का भविष्य बदल दिया, हम सभी आज यहां इस सुधार के फल का लाभ ले रहे हैं।’
नायडू ने कहा कि राव द्वारा किए गए सुधारों के बाद, अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान बुनियादी अवसंरचना के निर्माण पर काम किया। नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी सराहना की और भारत की आर्थिक वृद्धि का श्रेय उन्हें दिया।