सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धानतरी- नवीन वनमण्डल कार्यालय धमतरी का लोकार्पण एवं वन प्रबंधन समितियों के सम्मेलन का आयोजन बुधवार को भव्य रूप से किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहे।
अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद महासमुंद लोकसभा क्षेत्र श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सिहावा विधायक श्रीमती अम्बिका मरकाम, धमतरी विधायक ओंकार साहू, महापौर जगदीश रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम व जनप्रतिनिधि सहित वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ मॉं के नाम’ अंतर्गत मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा पौधा रोपण से की गई।
इसके बाद पूजन-अर्चना कर धमतरी स्थित नवीन वनमण्डल कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। लगभग 1.14 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह भवन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें वन मंडल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए सुव्यवस्थित कक्ष, बैठक कक्ष और प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मंत्री कश्यप ने 3 करोड़ से अधिक राशि के जिले की 32 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को वार्षिक कार्य योजना विभिन्न कार्य की स्वीकृति पत्र वितरित किए।
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध है और वन संरक्षण में यहां की परंपराएँ तथा जनभागीदारी हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि नया वनमण्डल कार्यालय न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा बल्कि वन प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय को भी और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा “वन मात्र संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत हैं। राज्य सरकार वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा वनों पर निर्भर समुदायों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। वन प्रबंधन समितियाँ इस दिशा में हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं।
आपकी सक्रिय भागीदारी से ही हम जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
वन मंत्री ने आगे कहा कि वन हमारे जीवन का आधार है। प्रभु राम का गमन पथ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तेंदूपत्ता संग्राहकों को वास्तविक क़ीमत देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वनों को बचाने का काम वन विभाग तो कर ही रहा है, लेकिन हम सबका दायित्व भी है ।
उन्होंने 25 साल पहले की स्थिति की बात करते हुए बताया कि आज की स्थिति में बहुत परिवर्तन हुए। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली समेत कई क्षेत्रों में बेहतर काम हुए और लगातार किए जा रहे है।
मंत्री कश्यप ने आगे कहा कि शासन द्वारा स्थानीय वन समितियों को मजबूत करने, रोको-टोको चौकियों के सुढ़ीकरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित संरक्षण तथा औषधीय पौधों के संवर्धन के लिए सरकार द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सभी समितियों को पारदर्शी और सहभागी वन प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया।
सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि धमतरी जिले में वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि वन मंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में वनों के संरक्षण, संवर्धन तथा वन आश्रित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम जिले और प्रदेश दोनों को मिल रहा है।
उन्होंने कहा, “वन विभाग ने न सिर्फ जंगलों की सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से स्थानीय लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की रक्षा, औषधीय पौधों के संवर्धन और जैव विविधता संरक्षण जैसे कार्यों ने छत्तीसगढ़ को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है।”
प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही श्रीनिवास राव और वन मंडलाधिकारी श्रीकृष्ण जाधव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वन विभाग के कार्यों की उपलब्धियां बतायी।