जनगणना 2027: आप जो धर्म बताएंगे, वही गणनाकार दर्ज करेंगे; सरकार ने संसद में दी जानकारी…

 सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि जनगणना 2027 के दौरान उत्तरदाताओं द्वारा बताए गए धर्म को ही दर्ज किया जाएगा। इ

सका मतलब है कि जनगणना के दौरान गणनाकार के समक्ष व्यक्ति खुद को जिस धर्म का बताएगा उसे ही रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाएगा।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा, जनगणना में गणनाकार उत्तरदाता द्वारा बताए अनुसार सभी धर्मों/संप्रदायों/विश्वासों को रिकॉर्ड में दर्ज करता है। जनगणना 2027 में भी गणनाकार उत्तरदाता द्वारा बताए गए धर्म का नाम दर्ज करेंगे।

गृह राज्यमंत्री से पूछा गया था कि क्या पिछले जनगणना में आदिवासी धर्म का अलग कॉलम न होने के कारण आदिवासियों की अलग धार्मिक पहचान में बाधा आई और क्या सरकार का आगामी जनगणना में आदिवासी धर्म के लिए अलग कॉलम शामिल करने का प्रस्ताव है।

मंत्री ने उत्तर में कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार, देश में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की कुल जनसंख्या 10,45,45,716 थी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों की उप-जनजातियों का डाटा अलग से प्रकाशित नहीं किया जाता है।

धार्मिक समुदाय के अनुसार अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का डाटा राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और जिला स्तर पर आधिकारिक जनगणना तालिकाओं में उपलब्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *