आईसीसी महिला विश्व कप में पहली बार खिताब जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम की ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताई और भविष्य में टी20 विश्व कप तथा आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखा.
उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने शेफाली वर्मा को गेंदबाजी का मौका दिया, जिन्होंने बल्ले से 87 रनों की दमदार पारी के बाद गेंद से भी कमाल किया.
फाइनल में शेफाली बनीं मैच की हीरो
फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298/7 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें शेफाली वर्मा ने 87 रन की शानदार पारी खेली.
बाद में हरमनप्रीत ने उन्हें गेंद थमाई और शेफाली ने सुने लुस और मारिजाने कप्प के अहम विकेट लेकर भारत को जीत की राह पर ला दिया.
हरमनप्रीत ने कहा, “जब लॉरा और सुने बल्लेबाजी कर रही थीं, तो वे काफी खतरनाक लग रही थीं. मैंने शेफाली को देखा और महसूस किया कि यह उसका दिन है.
मैंने पूछा कि क्या वह गेंदबाजी के लिए तैयार है, और उसने तुरंत कहा, ‘हां.’ उसने वही किया जो टीम को चाहिए था – निडर होकर योगदान दिया.”
“यह जीत पूरी टीम की मेहनत का परिणाम”
कप्तान ने मैच के बाद कहा, “हम सभी के लिए यह अविश्वसनीय पल है. दर्शकों का समर्थन अद्भुत रहा. उतार-चढ़ाव के बावजूद सभी ने टीम पर भरोसा रखा. मेरे पिता, चयनकर्ताओं और पूरे सपोर्ट स्टाफ का धन्यवाद – हर सदस्य ने दिल से मेहनत की और यही हमारी सफलता की असली वजह है.”
बीसीसीआई और सपोर्ट स्टाफ को दिया श्रेय
हरमनप्रीत ने कहा, “बीसीसीआई और सपोर्ट स्टाफ ने हम पर भरोसा बनाए रखा. उन्होंने बड़े बदलाव नहीं किए, बल्कि विश्वास जताया कि यह टीम कुछ बड़ा कर सकती है.
आज वही विश्वास रंग लाया. यह जीत सिर्फ मैदान पर मौजूद 11 खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि उन सभी की है जो इस सफ़र का हिस्सा रहे हैं, अतीत और वर्तमान दोनों.” हरमनप्रीत ने भविष्य को लेकर कहा, “यह जीत अंत नहीं, एक नई शुरुआत है. हमारा अगला लक्ष्य इसे लगातार दोहराना है. अब हमारा ध्यान चैंपियंस ट्रॉफी और अगले विश्व कप पर है. बड़े मौके आने वाले हैं, और हम हर दिन बेहतर बनना चाहते हैं.”
बारिश और दबाव ने बढ़ाई चुनौती
कप्तान ने माना कि बारिश के कारण हालात कठिन थे, लेकिन टीम ने संयम बनाए रखा. उन्होंने कहा, “हमें पता था कि फाइनल में 290 का स्कोर काफी है. दक्षिण अफ्रीका ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन जब वे दबाव में आए, तो हमने मौके का फायदा उठाया.
यह जीत अमोल मजूमदार सर और हमारी पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है. उन्होंने हमें हमेशा याद दिलाया कि यह टीम कुछ असाधारण कर सकती है और आज हमने वही कर दिखाया.”
भारत की यह जीत न केवल इतिहास रचने वाली है, बल्कि आने वाले वर्षों में महिला क्रिकेट के लिए नई प्रेरणा और नए युग की शुरुआत साबित होगी.