बलूचिस्तान में निवेश पर BLF की चीन और पश्चिमी देशों को चेतावनी, पाकिस्तान को खुली चुनौती…

पाकिस्तान से आजादी की लड़ाई लड़ रहे बागी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के नेता अल्लाह नजर बलूच ने चीन, पश्चिमी देशों और पश्चिम एशिया के देशों को बलूचिस्तान में निवेश करने से रोकते हुए चेतावनी दी है।

पाकिस्तान के बाहरी सहयोगियों के खिलाफ ‘बलूचों की राष्ट्रीय प्रतिक्रिया’ देते हुए कहा कि नोककुंडी घटना को ”स्पष्ट राष्ट्रीय संदेश” के रूप में देखा जाना चाहिए चूंकि पाकिस्तान के ”जबरदस्ती के कब्जे” के तहत चलने वाले विदेशी प्रयासों को सहन नहीं किया जाएगा।

अल्लाह नजर की चीनी नेतृत्व से अपील

द बलूचिस्तान पोस्ट (टीबीपी) की रिपोर्ट में बलूच नेता डॉ.अल्लाह नजर बलूच ने कहा कि चीन ने तटीय क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन वाले बलूच क्षेत्र पर पाकिस्तान के साथ सहयोग करके ”गंभीर रणनीतिक गलती” की है।

बलूच राष्ट्र ने सामूहिक रूप से यह तय किया है कि बलूचिस्तान में कोई भी परियोजना राष्ट्रीय स्वतंत्रता प्राप्त करने से पहले स्वीकार्य या टिकाऊ नहीं मानी जा सकती”, चाहे उसमें कोई भी देश शामिल हो।

उन्होंने कहा कि विकास को जोर-जबरदस्ती और दमनकारी तरीके से लागू करने के प्रयासों ने ऐतिहासिक रूप से प्रगति के बजाय लंबे समय तक अस्थिरता को जन्म दिया है।

अल्लाह नजर ने चीनी नेतृत्व से ”गंभीरता से पुनर्विचार” करने का आग्रह किया कि वे पाकिस्तान के संबंध में अपनी रणनीतियों को लेकर बलूच लोगों की राजनीतिक, राष्ट्रीय और आर्थिक आकांक्षाओं को प्राथमिकता दें, न कि ”उन्हें नजरअंदाज” करें।

उन्होंने पश्चिमी और पश्चिम एशिया के देशों को भी यही चेतावनी दी कि यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों को बलूचिस्तान में निवेश करने से बचना चाहिए, जो पाकिस्तान के कब्जे में है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ”बलूच लोगों की स्वतंत्रता के लिए वैध संघर्ष को स्वीकार करने और इसे समर्थन देने में एक रचनात्मक भूमिका निभाने” की अपील की।

नजर ने पाकिस्तान पर लगाए आरोप

नजर ने पिछले बीस वर्षों में बलूचिस्तान में ”संवैधानिक नरसंहार और युद्ध अपराधों” का आरोप पाकिस्तान पर लगाया, जिसमें जबरन गायब होना, न्यायिक हत्या, सामूहिक दंड और जनसंहार शामिल हैं। हालिया नोककुंडी घटना पर बीएलएफ ने दावा किया कि उसके सड्डो ऑपरेशनल बटालियन ने पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किया और रेको डिक और सैंडाक खनन परियोजनाओं से जुड़े विदेशी कर्मियों के एक ठिकाने पर निशाना साधा।

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