Indian Railways ने बिहार के लिए 11 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी, यात्री सुविधा और माल ढुलाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
रेलवे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए देशभर में कुल 100 रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन पर लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस योजना के तहत देश में 6000 किलोमीटर से अधिक रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इससे सुदूर क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
नई लाइन और दोहरीकरण का होगा कार्य
PM Gati Shakti National Master Plan के अंतर्गत इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाने, दोहरीकरण (डबलिंग) और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे कार्य शामिल हैं, जिससे नेटवर्क की क्षमता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी।
बिहार के लिए यह योजना इसलिए खास है क्योंकि राज्य उन चार प्रमुख राज्यों में शामिल है, जहां सबसे अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं का फोकस सुदूर और ग्रामीण इलाकों तक रेलवे नेटवर्क पहुंचाने पर है, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी।
नई रेल लाइनों के निर्माण से जहां गांवों तक रेल संपर्क मजबूत होगा, वहीं ट्रैक के दोहरीकरण से ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आएगी और यात्री अनुभव बेहतर होगा।
बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
इसके साथ ही, ये परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगी। बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
रेलवे ने बिहार के प्रमुख क्षेत्रों को लॉजिस्टिक हब से जोड़ने की भी योजना बनाई है। 3000 मिलियन टन माल ढुलाई के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे माल परिवहन तेज और सस्ता होगा।
रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं से बिहार का फ्रेट कॉरिडोर मजबूत होगा, औद्योगिक कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रियों के लिए सफर अधिक सुगम बनेगा।
उल्लेखनीय है कि स्वीकृत 100 परियोजनाओं में से 35 से अधिक की लागत 1000 करोड़ रुपये से अधिक है, जो इस निवेश की व्यापकता को दर्शाता है।