असम में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया।
दोनों नेताओं ने राज्य में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले पार्टी से इस्तीफा दिया है।
राज्य मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने बताया कि बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेज दिया है।
एआईसीसी के असम प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह और राज्य पार्टी प्रमुख गौरव गोगोई ने दावा किया कि यह परिवार के भीतर के मतभेदों का मामला है।
नागांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद रहे बोरदोलोई के बेटे प्रतीक नौ अप्रैल को होने वाले राज्य चुनावों में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
खरगे को भेजा एक लाइन का इस्तीफा
खरगे को संबोधित एक पंक्ति के त्यागपत्र में सांसद ने कहा है कि अत्यंत दुख के साथ मैं आज कांग्रेस के सभी पदों से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं।
गौरव गोगोई और जितेंद्र सिंह ने राजधानी में बोरदोलोई से इस मुद्दे पर बातचीत की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि बोरदोलोई की रगों में कांग्रेस का खून दौड़ता है। हम एक ही परिवार के सदस्य हैं और हमेशा रहेंगे।
नवज्योति तालुकदार ने क्यों दिया इस्तीफा?
उन्होंने दावा किया कि बोरदोलोई को भाजपा में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। बोरदोलोई विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष थे। वहीं असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार ने मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे गए अपने त्यागपत्र में कहा है कि मैंने पार्टी में कामकाज को लेकर लंबे समय से चली आ रही असंतुष्टि व समन्वय की कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है। ऐसी परिस्थितियों में पद पर बने रहना न तो स्वीकार्य है और न ही फलदायी।
हिमंता ने की राजग की सीट बंटवारे की घोषणा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि भाजपा अपनी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।
पार्टी के सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) क्रमश: 26 और 11 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। असम में 126 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के 89 सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद है।