प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया में होने वाले आसियान (ASEAN) शिखर सम्मेलन में शामिल न होने की संभावना के बीच कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इसलिए नहीं जा रहे हैं क्योंकि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से घिरने से बचना चाहते हैं।
कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ में सोशल मीडिया पर संदेश देना एक बात है, लेकिन उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करना जिसने 53 बार दावा किया कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोका और पांच बार कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है। यह प्रधानमंत्री के लिए बहुत जोखिम भरा है।”
जयराम रमेश ने कहा, “कई दिनों से अटकलें थीं कि प्रधानमंत्री मलेशिया जाएंगे या नहीं। अब यह लगभग तय है कि वे नहीं जाएंगे।
इसका मतलब है कि उन्हें विश्व नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने और ‘विश्वगुरु’ के रूप में अपनी छवि दिखाने का अवसर नहीं मिलेगा।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री शायद उस पुराने बॉलीवुड गीत को याद कर रहे होंगे- ‘बच के रहना रे बाबा, बच के रहना रे।’”
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब मलेशिया के कुआलालंपुर में 26 से 28 अक्टूबर तक होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में कार्यक्रमों की व्यस्तता के कारण शामिल नहीं होंगे। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर बैठक में प्रतिनिधित्व करेंगे।
भारत ने मलेशिया को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है कि जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि यह संभावना बनी हुई है कि प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअल माध्यम से ASEAN-India Summit में भाग लें।
पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और ईस्ट एशिया समिट में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है।
ASEAN सम्मेलन में शामिल होंगे ट्रंप
मलेशिया ने इस बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर से दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचेंगे।
आसियान (ASEAN)के 10 सदस्य देश हैं। इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया जैसे देश इसमें शामिल हैं।