अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान ईरान में लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का पहली बार युद्ध में उपयोग किया है।
US मिलिट्री ने इस बात की पुष्टि की है।
साल 2023 के अंत में अमेरिकी सेना को सौंपे जाने के बाद इस मिसाइल सिस्टम को पजली बार जंग में इस्तेमाल किया गया है।
पहली बार हुआ युद्ध में इस्तेमाल
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी पुष्टि है। कमान ने कहा, ‘ऐतिहासिक रूप से पहली बार, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान लंबी दूरी की PrSM मिसाइलों का युद्ध में इस्तेमाल किया गया, जिससे डीप-स्ट्राइक क्षमता हासिल हुई।’
CENTCOM के कमांडर, अमेरिकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, ‘दुश्मन के लिए दुविधाएं पैदा करने के लिए इनोवेशन का उपयोग करने वाले हमारे सैनिकों पर मुझे इससे अधिक गर्व नहीं हो सकता।’
ब्रेकिंग डिफेंस की रिपोर्टों के अनुसार, पोस्ट में एक वीडियो शामिल था, जिसमें M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) से PrSM का प्रक्षेपण दिखाया गया था।
PrSM मिसाइल की खासियत
PrSM मिसाइल को ATACMS (आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम) का बेहतरीन विकल्प बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लॉकहीड मार्टिन की अगली पीढ़ी की लंबी दूरी और सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइल है।
इसकी रेंज 60 किलोमीटर से लेकर 499 किलोमीटर से अधिक है, जो इसे दुश्मन के इलाके में घुसकर इलाके लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। PrSM का उपयोग लक्ष्यों को इनएक्टिव करने, दबाने और खत्म करने के लिए किया जाता है।