SIR के बाद Uttar Pradesh और Gujarat में सबसे ज्यादा नाम कटे, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कितने लोग वोटर लिस्ट से बाहर हुए?…

शुक्रवार को विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची में लगभग 6.08 करोड़ की कमी आई है।

अब उत्तर प्रदेश द्वारा अपनी अंतिम मतदाता सूची जारी किए जाने के बाद मतदाता सूचियों के एसआईआर का दूसरा चरण पूरा हो गया है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा की अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी गई हैं।

प्रक्रिया शुरू होने से पहले 51 करोड़ की थी लिस्ट

इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव आयोग (EC) द्वारा पिछले कुछ महीनों में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 27 अक्टूबर को जब एसआईआर की घोषणा की गई थी, तब इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त मतदाता सूची लगभग 51 करोड़ थी।

एसआईआर के बाद संयुक्त मतदाता सूची लगभग 44.92 करोड़ है, जिसमें 6.08 करोड़ की कमी आई है। हालांकि, यह प्रक्रिया बिहार में पहले ही पूरी हो चुकी थी।

अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका दूसरा चरण भी पूरा हो गया है, जिसमें लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल थे।

देश के 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है, बाकी 40 करोड़ मतदाता 17 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल किए जाएंगे, जब उन जगहों पर एसआईआर शुरू होगा। संभवतः इस महीने पांच विधानसभाओं के चुनावों के बाद।

कहां कितने मतदाता हुए कम?

गुजरात के बाद सबसे अधिक यूपी में कम हुए मतदाता

प्रतिशत के आधार पर देखा जाए तो गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा ऐसा राज्य है, जहां सबसे अधिक मतदाता कम हुए हैं। गुजरात में 13.40 प्रतिशत मतदाता कम हुए थे, जबकि उप्र में 13.24 प्रतिशत मतदाता घटे हैं। छत्तीसगढ़ में 11.77 , बंगाल में 11.61 , तमिलनाडु में 11.55 , गोवा में 10.76, पुडुचेरी में 7.57, मप्र में 5.97, बिहार में 5.95, राजस्थान में 5.74 व केरल में 3.22 प्रतिशत वोट कम हुए हैं।

  1. अभियान से पहले थे 15.44 करोड़ मतदाता, अब रह गए 13.40 करोड़
  2. लखनऊ में घटे सर्वाधिक 22.89 प्रतिशत वोटर, पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाता भी हुईं कम
  3. ड्राफ्ट मतदाता सूची की तुलना में अंतिम सूची में 84.28 लाख मतदाता बढ़े

किस जिले से कितने नाम कटे?

  • लखनऊ 9,14,185
  • प्रयागराज 8,26,885
  • कानपुर 6,87,201
  • आगरा 6,37,653
  • गाजियाबाद 5,74,478

विधान सभा क्षेत्र जिनमें सर्वाधिक मतदाता कम हुए

  1. साहिबाबाद 3,16,484
  2. नोएडा 1,83,887
  3. लखनऊ उत्तर 1,54,710
  4. आगरा कैंट 1,47,182
  5. इलाहाबाद उत्तर 1,45,810

बंगाल का हाल

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है।

आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, एसआईआर शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है।

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