प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
क्या आपने कभी सोचा है कि न्याय के देवता शनिदेव और यमराज हमेशा काले रंग के वस्त्र (कपड़े) ही क्यों धारण करते हैं? या फिर ज्योतिष में शनि ग्रह के कमजोर होने पर अक्सर काले या नीले रंग से दूर रहने की सलाह क्यों दी जाती है? आइए इस रहस्य के बारे में जानते हैं।
इस पूरे ब्रह्मांड में मुख्य रूप से दो ही ऐसे देवता हैं शनिदेव और यमराज, जो काले वस्त्र पहनते हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही सूर्य देव के पुत्र हैं।
ज्योतिष शास्त्र और प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ईश्वर ने इन दोनों देवताओं को ‘परम न्यायाधीश’ (Supreme Judges) का कार्यभार सौंपा है। शनिदेव जहां इंसान के जीते जी उसके अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब करते हैं। वहीं, यमराज मृत्यु के बाद उसके कर्मों का फल देते हैं।
काला रंग: न्याय का प्रतीक
न्याय करने के लिए निष्पक्ष और कठोर होना बहुत जरूरी है। काला रंग इसी कठोरता और बेदाग निष्पक्षता का प्रतीक है। जिस तरह काले रंग पर कोई और रंग नहीं चढ़ सकता। वैसे ही इनके न्याय में कोई पक्षपात या बदलाव नहीं होता।
इसी प्रतीक को मानते हुए, हमारी दुनिया में भी जज और वकील काले कोट और गाउन पहनकर न्याय करते हैं। ताकि, उनका फैसला भी बिना किसी भेदभाव के हो सके।
विज्ञान का नजरिया
विज्ञान के अनुसार, काला रंग खुद में एक बड़ा रहस्य है। जब किसी वस्तु पर रोशनी पड़ती है, तो वह जिस रंग को वापस हमारी आंखों तक भेजती है (रिफ्लेक्ट करती है), वह चीज हमें उसी रंग की दिखती है। लेकिन, काला एक ऐसा रंग है जो रोशनी के सभी रंगों को अपने अंदर सोख (Absorb) लेता है और कुछ भी वापस नहीं भेजता।
इसलिए हमारा दिमाग उसे ‘काला’ मान लेता है। सब कुछ अपने अंदर समा लेने की यह वैज्ञानिक क्षमता ही शनिदेव और यमराज की उस अलौकिक शक्ति को दर्शाती है, जो सबके कर्मों को अपने अंदर समा कर न्याय करती है।
ज्योतिष में काले रंग का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि कमजोर या अशुभ स्थिति में है, तो उसे काले और नीले कपड़े पहनने से सख्त मना किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, जिनकी कुंडली में शनि मजबूत और शुभ होता है, वो लोग अक्सर सफल वकील या जज बनते हैं और उनके जीवन में काले रंग का बहुत महत्व होता है।