“7 दिन में 7000 बम, 360 ठिकाने तबाह… ईरान को लेकर क्या है अमेरिका-इजरायल का असली प्लान?”…

पिछले एक सप्ताह से मिडिल ईस्ट में चल रही तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 7,000 से अधिक बम गिराए हैं। जिससे कई सैन्य ठिकाने ध्वस्त हुए हैं।

स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने एक सप्ताह के भीतर ईरान के भीतर 7,000 से अधिक बम गिराकर 360 से अधिक ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। 

इसमें सैन्य सुविधाओं पर हमले शामिल हैं, साथ ही अस्पतालों, ऊर्जा अवसंरचना और एक लड़कियों के स्कूल जैसे नागरिक अवसंरचना पर हमले भी शामिल हैं।

शांतिप्रिय ईरान की स्थापना का समय- नेतन्याहू

ईरान पर हमले के दौरान सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानियों से अपनी सरकार को गिराने का आह्वान किया।

नेतन्याहू ने कहा, “ईरान के सभी वर्गों – फारसियों, कुर्दों, अजेरियों, बलूचियों और अहवाजियों- के लिए अत्याचार के जुए से खुद को मुक्त करने और एक स्वतंत्र और शांतिप्रिय ईरान की स्थापना करने का समय आ गया है।”

अमेरिका ने स्पष्ट किया इरादा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इजरायली पीएम नेतन्याहू के इन बातों समर्थन किया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि इस जंग का लक्ष्य ईरान की नौसेना, मिसाइलों, परमाणु कार्यक्रम और सहयोगी मिलिशिया के नेटवर्क से उत्पन्न खतरे को बेअसर करना है, न कि शासन परिवर्तन।

बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि मौजूदा शासन के भीतर किसी व्यक्ति की नीतियां अमेरिका को स्वीकार्य हों तो उन्हें सत्ता संभालने में खुशी होगी।

ट्रंप का कहना है कि उनका संकेत दिया है कि यदि मौजूदा शासन के भीतर किसी व्यक्ति की नीतियां अमेरिका को स्वीकार्य हों तो उन्हें सत्ता संभालने में खुशी होगी।

स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और कुर्द क्षेत्रों में पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया। इससे अमेरिकी और इजरायल को अभी भी इस बात की उम्मीद है कि ईरानी नागरिक अपनी ही सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

तेहरान में सरकारी दमन के साथ दबाई गई आवाज

गौरतलब है कि ईरान की राजधानी तेहरान ऐतिहासिक रूप से शासन के प्रति उदारवादी और राष्ट्रवादी विरोध का केंद्र रहा है, और यहीं से पिछले साल के अंत में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे।

उन विरोध प्रदर्शनों को पुलिस समेत सरकारी बलों द्वारा घातक दमन के साथ दबा दिया गया।

कुर्द में खामनेई की मौत पर जश्न

वहीं, सनंदज जैसे कुर्द बहुल शहरों ने लंबे समय से ईरान की केंद्रीय सरकार से अधिक अधिकारों और स्वायत्तता की मांग की है। कुर्द के लोगों ने सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत का सार्वजनिक उत्सव के साथ स्वागत किया और सड़क पर जयकारा लगाते हुए जश्न मनाए।

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