बंगाल के नदिया जिले में काली और सरस्वती की 70 अर्द्धनिर्मित मूर्तियां तोड़ी गईं, भाजपा ने ममता सरकार को घेरते हुए कार्रवाई की मांग की…

बंगाल के नदिया जिले के शांतिपुर थाना क्षेत्र के सर्बनंदी पाड़ा इलाके में बुधवार सुबह उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब स्थानीय लोकनाथ मंदिर के सामने एक कुम्हार के घर काली व सरस्वती की करीब 70 अद्र्धनिर्मित मूर्तियां टूटी हुई मिलीं।

पिछले 30 साल से मूर्तियां बनाने वाले मूर्तिकार जयंत दास ने दावा किया कि रात के अंधेरे में कुछ लोगों ने उनकी बनाई करीब 60 से 70 मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

आपसी विवाद में मूर्तियां तोडऩे का आरोप अमित दास नामक स्थानीय युवक पर लगा है। मूर्तिकार जयंत दास के मुताबिक, अमित दास ने पिछले दिनों उनके घर में आकर गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी।

आरोप है कि बीती रात जब जयंत मूर्ति बना रहे थे, तभी अमित दास नशे में धुत होकर आया और उनसे झगड़ा करने की कोशिश की।

धमकी देकर अमित बाद में वहां से चला गया। सुबह मूर्तियां टूटी हुई मिली।

शिकायत के बाद शांतिपुर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने मौके पर जमा होकर भारी आक्रोश जताया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच में अमित दास और उसके भाई असित दास की संलिप्तता की पुष्टि हुई है, जिन्होंने घटना से एक दिन पहले मूर्तिकार को कथित तौर पर धमकी दी थी।

स्थानीय लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

वहीं, इस घटना को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और पार्टी के आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

राज्य में खतरनाक कट्टरपंथियों को संरक्षण- भाजपा

भाजपा नेताओं ने एक्स पर घटना की तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में खतरनाक कट्टरपंथियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने शांतिपुर की घटना को बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्मिता पर हमला बताया। वहीं, पुलिस ने कहा कि घटना के सबूत जुटा लिए गए हैं और आरोपितों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

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