रूस ने डोनाल्ड ट्रंप को शपथ लेने से पहले ही तगड़ा झटका दे दिया है।
रूस ने यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की टीम द्वारा पेश किए गए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस को इस बात की हैरानी है कि ट्रंप और उनके साथी ऐसे शांति समझौते के बारे में सोच रहे हैं जिसमें यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की बात कही गई है।
रूस ने यह भी कहा है कि ट्रंप भले ही अमेरिका और रूस के रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर लें लेकिन उन्हें इसके लिए बहुत मशक्कत करनी होगी।
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी विदेश मंत्री ने कहा, “हम निश्चित रूप से ट्रंप टीम के सदस्यों के इस प्रस्ताव से खुश नहीं है कि नाटो में यूक्रेन के प्रवेश को 20 साल के लिए स्थगित किया जाएगा और यूक्रेन में ब्रिटिश और यूरोपीय शांति सेना को तैनात किया जाएगा।”
यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती
इससे पहले टाइम मैगजीन के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि वह यूक्रेन के लिए अपनी आधिकारिक योजना पर चर्चा नहीं करना चाहेंगे क्योंकि अगर इसे सार्वजनिक किया गया तो वह बेकार योजना बन जाएगी।
अमेरिकी चुनावों में ट्रंप की जीत के बाद से कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि वह यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहे थे। वहीं कीथ केलॉग, जिन्हें ट्रंप ने यूक्रेन में अपने विशेष दूत के रूप में चुना है, ने ट्रंप को यूक्रेन को मदद ना भेजने का सुझाव दिया है ताकि दोनों पक्ष शांति समझौते पर बातचीत कर सकें।
ट्रंप को करनी होगी मशक्कत
रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि रूस नतीजों की परवाह किए बिना यूक्रेन की नाटो सदस्यता को स्वीकार करने से इनकार करेगा।
लावरोव ने आगे जोर देकर कहा कि जंग के बारे में रूस से संपर्क करना ट्रंप पर निर्भर है।
उन्होंने ट्रंप को चेतावनी भी दी है कि भले ही वह द्विपक्षीय संबंधों को फिर से शुरू करने की कोशिश करें, लेकिन उन्हें इसके लिए बहुत मशक्कत करनी होगी।