जम्मू-कश्मीर सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने के अपने वादे के तहत अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) श्रेणी के पात्र परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करने के लिए सभी जिलों में लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पहल की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में की गई। बैठक में सामाजिक कल्याण, स्थिरता और दक्षता के संतुलन के साथ बिजली क्षेत्र में सुधारों को तेज करने पर जोर दिया गया। साथ ही, रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर कार्यक्रम की प्रगति का भी आकलन किया गया।
सरकार के अनुसार, इस योजना से केंद्र शासित प्रदेश के लगभग 2.22 लाख एएवाई परिवारों को लाभ मिलेगा, जिससे लगभग सभी जिलों को कवर किया जाएगा। लाभार्थियों की पहचान जिला प्रशासन के समन्वय से की जा रही है, जिनमें दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले परिवार भी शामिल हैं।
फील्ड वेरिफिकेशन-डेटा वैलिडेशन अभियान शुरू
ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी कुमार ने बताया कि पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए फील्ड वेरिफिकेशन और डेटा वैलिडेशन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड और बिजली उपभोक्ता डाटाबेस में अंतर, प्रवास, बंद या अनुपलब्ध घरों और कुछ लोगों की अनिच्छा जैसी चुनौतियों से भी निपटा जा रहा है।
दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां बिखरी आबादी और लंबी बिजली आपूर्ति लाइनों जैसी भौगोलिक चुनौतियां मौजूद हैं। इस सामाजिक कल्याण पहल के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के तहत भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
17700 से ज्यादा इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उपभोक्ताओं को आसान वित्तीय विकल्प, जैसे कम ब्याज दरों पर बैंक ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गुरपाल सिंह ने बताया कि जम्मू डिवीजन में 28600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 11000 से अधिक इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। वहीं, कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद शाह के अनुसार कश्मीर डिवीजन में 73000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 17700 से ज्यादा इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं।
यह योजना मुख्य रूप से (रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी) मॉडल के तहत लागू की जा रही है, जिसमें निजी कंपनियां बिना उपभोक्ताओं से अग्रिम निवेश लिए सोलर सिस्टम की स्थापना और रखरखाव करती हैं, जिससे अधिक लोगों तक सौर ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।