ईरान-इजरायल युद्ध का 13वां दिन: 1348 नागरिकों की मौत, मिडिल ईस्ट में संघर्ष तेज, तेहरान का पलटवार जारी…

 ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार जारी हैं, जबकि तेहरान भी जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है।

इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है और तेल की कीमतों में तेजी आई है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी के अनुसार युद्ध के 13वें दिन तक ईरान में कम से कम 1348 नागरिकों की मौत हो चुकी है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि अगर तेहरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में हमले न होने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले, तो ईरान युद्ध खत्म करने पर विचार कर सकता है।

ईरान में हालात

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान में अब तक 1348 नागरिकों की मौत और 17 हजार से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

यूनिसेफ के अनुसार इस संघर्ष से मानवीय स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और 1100 से ज्यादा बच्चे घायल या मारे गए हैं।

इस बीच ईरान से जुड़े हैकर समूह हैंडाला ने दावा किया कि उसने मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी स्ट्राइकर के नेटवर्क को ठप कर दिया और 50 टेराबाइट डेटा चुरा लिया।

यह हमला मिनाब स्कूल पर हुए हमले के जवाब में बताया गया है, जिसमें 170 से ज्यादा लोग, ज्यादातर स्कूली बच्चे, मारे गए थे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने की अपील की है। हालांकि इस प्रस्ताव में अमेरिका या इज़राइल के हमलों का जिक्र नहीं किया गया।
  • ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार यह्या रहीम सफवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को सबसे भ्रष्ट और मूर्ख अमेरिकी राष्ट्रपति बताते हुए उन्हें ‘शैतान’ कहा।
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई पुष्टि नहीं मिली है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा रहा है।

मिसाइल और समुद्री तनाव

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने लेबनान के सहयोगी संगठन हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर इज़राइल के ठिकानों पर मिसाइल हमला किया।

गार्ड्स ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में चेतावनी को नजरअंदाज करने वाले दो जहाजों पर गोलीबारी की गई। इस दौरान ओमान की नौसेना ने एक थाई झंडे वाले जहाज से 20 नाविकों को बचाया, जिस पर इस जलडमरूमध्य में हमला हुआ था।

खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव

  • सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को मार गिराया गया। इससे पहले भी एक ड्रोन को दूतावासों वाले इलाके के पास गिराया गया था।
  • ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन हमले में कई ईंधन टैंक क्षतिग्रस्त हो गए। कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा की, जबकि ईरान ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया।
  • बहरीन में मुहर्रक इलाके के ईंधन टैंकों पर हमले के बाद लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई।

यूएई और कुवैत में भी असर

  • संयुक्त अरब अमीरात ने 11 मार्च को ईरान की ओर से दागे गए 6 बैलिस्टिक मिसाइल, 7 क्रूज मिसाइल और 39 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया।
  • ईरान की धमकी के बाद सिटीबैंक ने क्षेत्र में अपनी लगभग सभी शाखाएं बंद करने का फैसला किया है और केवल एक शाखा चालू रखी जाएगी।
  • कुवैत में गिराए गए ड्रोन के मलबे से बिजली ट्रांसमिशन की छह लाइनें बंद हो गईं। एक ड्रोन के आवासीय इमारत से टकराने से दो लोग घायल भी हुए।

अमेरिका और इजरायल का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के हमलों से ईरान लगभग हार चुका है और युद्ध पहले घंटे में ही खत्म हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के बावजूद वह आगामी फुटबॉल विश्व कप में ईरान की टीम का स्वागत करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार एक ईरानी स्कूल पर अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल का हमला संभवतः निशाना तय करने की गलती के कारण हुआ था।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। इजरायली सेना के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 14 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें छह दक्षिणी लेबनान में घायल हुए। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में 179 लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकतर की हालत हल्की है।

लेबनान और इराक में हमले

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बेरूत के समुद्र तटीय इलाके पर इज़राइली हमले में सात लोगों की मौत और 21 लोग घायल हो गए। लेबनान सरकार के मुताबिक इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्ध में अब तक 630 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और करीब 8 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।

इराक के तट के पास दो तेल टैंकरों पर भी हमला हुआ। इस हमले में एक जहाज के कम से कम एक क्रू सदस्य की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं, जबकि 38 लोगों को बचा लिया गया।

तेल बाजार पर असर

युद्ध का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। स्थिति को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करने का फैसला किया है। इनमें से 17.2 करोड़ बैरल तेल अमेरिका उपलब्ध कराएगा, ताकि वैश्विक बाजार को स्थिर किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *