कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे शशि थरूर शनिवार को अपने प्रचार अभियान के तहत असम के गुवाहाटी पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर वह पार्टी का अध्यक्ष चुने गए तो उनके कार्यकाल में शक्ति का विकेंद्रीकरण करने और युवा पीढ़ी को नेतृत्व में शामिल कर बदलाव लाने पर खास जोर रहेगा, जिससे कि कांग्रेस का कोई भी नेता नजरअंदाज किए जाने के कारण पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘कई सहकर्मियों ने विभिन्न कारणों से पार्टी छोड़ दी। मेरे कार्यकाल में नजरअंदाज किए जाने के कारण कोई भी छोड़कर नहीं जाएगा।’
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद थरूर ने यहां अपने चुनाव प्रचार के तहत संवाददाता सम्मेलन में अपना विजन पेश करते हुए कहा, ‘हम एक राष्ट्रीय गठबंधन बनाने के लिए काम करेंगे।
अगर यह राष्ट्रीय स्तर पर संभव नहीं हुआ तो हमें राज्यवार स्तर पर इसकी संभावना तलाशनी होगी।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे और उनकी प्राथमिकता विपक्ष को एकजुट करने की होगी, ताकि मतों के विभाजन को कम किया जा सके।
युवा दे रहे मेरा साथ, वरिष्ठ नेताओं का खड़गे को समर्थन- थरूर
इस दौरान थरूर ने दावा किया कि पार्टी के युवा सदस्य उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि वरिष्ठ नेता दूसरे उम्मीदवार एवं उनके प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे का समर्थन कर रहे हैं। थरूर ने कहा, ‘मुझे युवा मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है। मुझे पार्टी के युवा सदस्यों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। वरिष्ठ नेता, खड़गे का समर्थन कर रहे हैं। हम बदलाव के बारे में बात कर रहे हैं और वरिष्ठ नेता इसका प्रतिरोध कर रहे हैं।’
उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के कई पदाधिकारी खड़गे के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि चुनाव गुप्त मतपत्रों के जरिये होगा और वरिष्ठ नेताओं के वोट और युवा सदस्यों के मत का मान समान है।
थरूर ने इसके साथ ही जोर देते हुए यह भी कहा कि गांधी परिवार से दूरी रख कर कांग्रेस का कोई भी अध्यक्ष कामकाज नहीं कर सकता क्योंकि यह (गांधी परिवार) लोकप्रिय है और उनका ‘डीएनए’ पार्टी की रगों में दौड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव ने कांग्रेस की ओर लोगों का ध्यान खींचा है।