केंद्रीय बजट 2025-26 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए 2.9 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
यह राशि वित्तीय वर्ष 2025 के लिए संशोधित अनुमान से महज 2.4% अधिक है। पिछले 10 वर्षों के बजट को देखें तो यह सबसे कम वृद्धि है।
वहीं, रक्षा बजट में करीब 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इस मामूली वृद्धि का मुख्य कारण यह है कि मंत्रालय के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अभी कार्यान्वयन के चरण में नहीं हैं और अब तक कोई नई प्रमुख हाईवे विकास योजना को मंजूरी नहीं दी गई है।
हालांकि, सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को वित्तीय वर्ष 2025 के खर्च लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजटीय आवंटन से करीब 40,000 करोड़ रुपये की अग्रिम भुगतान की अनुमति दी है।
बजट अनुमान के अनुसार, NHAI को 1.9 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो वित्तीय वर्ष-25 से लगभग 20,000 करोड़ रुपये अधिक है।
सरकार NHAI को पूरी फंडिंग बजट से प्रदान करती है और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कर्ज लेने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, क्योंकि सरकार का ध्यान NHAI के कर्ज के बोझ को कम करने पर है।
NHAI का कुल कर्ज वर्तमान वित्तीय वर्ष की शुरुआत में 3.3 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 25 की तीसरी तिमाही के अंत तक घटकर लगभग 2.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
रक्षा बजट में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी
रक्षा बजट में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। रक्षा मंत्रालय को इस बार 6.81 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। पिछली बार की तुलना में इसमें 9.53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि विशेषज्ञ इस बढ़ोतरी को कम मान रहे हैं क्योंकि अब भी यह जीडीपी के महज 1.91 के करीब ही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान रक्षा क्षेत्र का आवंटन 6.21 लाख करोड़ रुपये है।
जिसमें 1.72 लाख करोड़ रुपये रक्षा आधुनिकीकरण के लिए है। यानी यह राशि रक्षा साजो-समान की खरीद के लिए है।
हालांकि वित्त वर्ष के दो ही महीने शेष बचे हैं लेकिन आधुनिकीकरण के मद के 13500 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं। संशोधित बजट अनुमान से यह पता चलता है।
इस बार के बजट में रक्षा आधुनिकीकरण के लिए 1.80 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। दरअसल, नए वित्त वर्ष के दौरान प्रीडेटर ड्रोन, जीई इंजनों आदि की खरीद होनी है।
इसलिए ज्यादा बजट की जरूरत महसूस की जा रही थी। हालांकि उस हिसाब से यह बजट अभी भी कम है। आधुनिकीकरण के बजट में 1.12 लाख घरेलू खरीद के लिए निर्धारित किए गए हैं।
पेंशन बजट में भारी वृद्धि
रक्षा बजट के मुख्यत तीन भाग होते हैं। एक आधुनिकीकरण, दूसरा पेंशन तथा तीसरा जो रक्षा सेवाएं संचालित करने के लिए होता है।
पेंशन के बजट में भी इस बार भारी बढ़ोतरी हुई है जो 1.60 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान यह 1.41 लाख करोड़ था। बजट के तीसरे भाग यानी रक्षा सेवाओं के संचालन के लिए 4.91 लाख करोड़ रखे गए हैं।
तटरक्षक बल, बीआरओ का आवंटन भी बढ़ा बजट में तटरक्षक बल के बजट में भी खासी बढ़ोतरी करते हुए उसे 9646 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। जबकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को 7146 करोड़ प्रदान किया गया है।
आईडेक्स योजना के लिए 449 करोड़ रुपये
रक्षा मंत्रालय की आईडेक्स योजना के लिए 449 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें से रक्षा स्टार्टअप को इनोवेशन के लिए धनराशि दी जाती है। सरकार का प्रयास है कि इससे देश में रक्षा उत्पादों में बढ़ोतरी होगी और विदेशों से रक्षा उपकरणों के आयात में कमी आएगी।
बीते पांच वर्ष का रक्षा बजट
2025-26 में 6.81 लाख करोड़
2024-25 में 6,22 लाख करोड़
2023-24 में 5.94 लाख करोड़
2022-23 में 5.25 लाख करोड़
2021-22 में 5.78 लाख करोड़