पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए महादेव एप संचालित करने वाले इंटरनेशनल सटोरिए लगातार अपना कम्युनिकेशन सिस्टम बदल रहे हैं।
वाटसएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम की बजाय अब मैसेजिंग और कॉलिंग एप्लीकेशन बोटिम एप का उपयोग करने लगे हैं।
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि जो युवक दुबई जाकर महादेव का पैनल ऑपरेट कर रहे हैं, वो टूरिस्ट पैकेज में गए थे।
दुबई में करीब 25 से 30 विला किराए में लेकर सटोरिए पैनल ऑपरेट करने वालों को रखवाया है।
इसी विला में रहकर युवक महादेव एप की मास्टर आईडी ऑपरेट कर रहे हैं। इन पर नजर रखने के लिए बाकायदा मल्टीनेशनल कंपनी की तर्ज पर फ्लोर मैनेजर, सुपरवाइजर और चेकर नियुक्त कर रखे हैं।
पैनल संचालन में चेकर की अहम भूमिका: पुलिस के मुताबिक पूरे पैनल और एक्टिव यूजर्स पर नजर रखने के लिए एक चेकर रखा जाता है।
इस चेकर की भूमिका अहम होती है। एक्टिव गेमिंग के दौरान चेकर एक एक यूजर्स की एक्टिविटी पर नजर रखता है।
पैनल ऑपरेट करने वाले युवकों से चुक होने और सही रिस्पांस नहीं करने पर चेकर तुरंत मैसेज करता है। जिससे एक भी यूजर्स को गेमिंग के दौरान कोई समस्या न हो। यूजर्स की डिपॉजिट का ध्यान रखा जा रहा।
गुजरात, महाराष्ट्र, साउथ के राज्यों में ज्यादा यूजर्स
पुलिस को पता चला है कि रेड्डी अन्ना एप को टेकओवर करने के बाद महादेव एप में यूजर्स की संख्या करीब 50 लाख तक पहुंच गई है। अब तक पकड़ाए सटोरिए से मिले डेटाबेस से पता चला है कि पांच राज्यों के लोग महादेव एप का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। एप में ज्यादातर यूजर्स महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और मध्यप्रदेश के हैं।
गुजरात के एक्टिव यूजर्स में महिलाएं और युवतियों की संख्या ज्यादा हैं। जबकि बाकी राज्यों में युवक,व्यापारी और नौकरी पेशा लोगों की संख्या है। पैनल में प्रीमियम यूजर्स को 100 से 200 के पैनल में रखा जाता है। ये यूजर्स एक दिन में 10 लाख से 25 लाख रुपए का दाव सट्टा ऑनलाइन के माध्यम से लगाते हैं।
3 लाख में कार्ड बनवाकर लेते है हर बार एक्सटेंशन
पुलिस के मुताबिक दुबई से काम करके लौटने वाले सटोरियों से पूछताछ मेंं पता चला है कि तीन महीने का टूर पैकेज समाप्त होने के बाद युवकों का एक कार्ड बनवाया जाता है। दुबई में रहने के लिए इस कार्ड बनवाने के एवज में 3 लाख रुपए देना पड़ता है। इसके बाद युवकों को 2 साल तक रहने की अनुमति मिल जाती है।
इससे पैनल ऑपरेट करने वालों को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। यहीं नहीं विला में रहकर पैलन ऑपरेट करने वालों को खाने पीने और घूमने फिरने का पूरा इंतजाम रहता है। शिफ्ट में युवक विला में रहकर पैनल ऑपरेट करते हैं। इस प्रकार पुलिस की जांच लगातार जारी है।