ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दिल्ली में रह रहे तीन नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार करके फर्जी वीजा और पासपोर्ट बनाने में कथित रूप से शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का मंगलवार को दावा किया।
पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) अभिषेक वर्मा ने कहा कि तीनों को नशीले पदार्थों की तस्करी और दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से मोबाइल सिम कार्ड उपलब्ध कराने में शामिल पाया गया है।
वर्मा ने कहा, ‘इन तीन नाइजीरियाई नागरिकों के पास से 65 ग्राम एमडीएमए (नशीला पदार्थ) मिला, जिसकी कीमत लगभग 12 लाख रुपये है।
उनके पास से 18 फर्जी पासपोर्ट और 21 फर्जी वीजा, 30 मोबाइल फोन और 20 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।’
अधिकारी ने कहा, ‘ये तीनों 2012 और 2018 के बीच भारत आए थे, लेकिन पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद अवैध रूप से रह रहे थे।’
रिपोर्ट के मुताबिक डीसीपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग काफी लंबे समय से दिल्ली के विकासपुरी इलाके में अपना गिरोह चला रहे थे।
गिरफ्तार किये गए आरोपितों में से एक साइबर ठगी करने की बात भी कुबूल की है। आरोपित लोगों से इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से ठगी करता था।
आरोपितों के पास से पुलिस ने स्टांप पैड, दो लैपटॉप, 48 फर्जी यूएस डॉलर, एक कार और एक स्कूटी बरामद की है।
पुलिस ने बताया कि अवैध रूप से भारत में रह रहे नाइजीरियन नागरिकों के खिलाफ नोएडा प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है।
इसी क्रम में ग्रेटर नोएजा पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड का खुलासा किया था।
इसी मामले में जांच के दौरान तीन विदेशी लोगों की जानकारी मिली। नाइजीरिया के तीनों आरोपितों अवैध तरीके से फर्जी वीजा बनाते थे।