कब व कैसे करें जया एकादशी का व्रत पारण? जरूर रखें इस बात का ध्यान…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार):

जया एकादशी: आज कई भक्त जन जया एकादशी का व्रत रख रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो जया एकादशी का व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

वहीं, जया एकादशी की पूजा ही नहीं पारण का भी मुहूर्त देखा जाता है। आइए जानते हैं कब होगा जया एकादशी व्रत का पारण व विधि-

कब व कैसे करें जया एकादशी का व्रत पारण?

जया एकादशी का व्रत पारण 9 फरवरी के दिन होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, सुबह 07:04 से 09:17 ए एम तक व्रत पारण का शुभ मुहूर्त हैं।

पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय शाम 07:25 रहेगा। एकादशी व्रत का पारण पूजा करने के पश्चात्य प्रसाद ग्रहण करके करना शुभ माना जाता है।

जरूर रखें इस बात का ध्यान– दृक पंचांग के अनुसार, जया एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्य के उदय होने के बाद पारण किया जाता है।

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी माना जाता है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही किया जाता है। द्वादशी तिथि के भीतर पारण न करना शुभ नहीं माना जाता है।

एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए। जो विष्णु भक्त व्रत कर रहे हैं, उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने का इंतजार करना चाहिये।

हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि मानी जाती है। व्रत तोड़ने के लिए सबसे शुभ समय प्रातः काल का होता है। कुछ कारणों की वजह से अगर कोई प्रातः काल पारण करने में सक्षम नहीं है तो उसे मध्याह्न के बाद पारण करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां मान्यताओं पर आधारित हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

प्रियंका प्रसाद (केवल व्हाट्सएप) 94064 20131

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