वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कल देर शाम कोरबा के संजय नगर स्थित लक्ष्मणबन बस्ती पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिलकर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की।
2 दिन पूर्व बस्ती में बाउंड्रीवाल गिरने से धनेश कर्ष पिता मुकेश कर्ष उम्र 4 वर्ष की दबने से दुःखद मृत्यु हो गई थी, वहीं सोनू कर्ष 20 वर्ष, विशाल यादव 18 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों एवं स्थानीय जनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी ली। पीड़ित परिवार के घर पर शोकाकुल परिजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
घायलों की जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री श्री देवांगन ने जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से फोन पर बात कर घटना की सूक्ष्मता से जांच कर कार्रवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, श्री भोलू यादव, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, मंडल अध्यक्ष श्री योगेश मिश्रा, श्री राकेश नागरमल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
]]>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया को दी वीडियो कॉल पर शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की
छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।
शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी।
आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं।
बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा “बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।
संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
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