कोलकाता में शुक्रवार को शहर की कई मस्जिदों में नमाज को लेकर नई व्यवस्था के बीच बड़ा बदलाव देखने को मिला।
पुलिस की ओर से मिले निर्देशों और नए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप नमाजियों ने सड़कों के बजाय मस्जिद परिसरों के भीतर ही नमाज अदा की।
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार की कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर प्राथमिकताओं के तहत पुलिस ने धार्मिक स्थलों के आसपास व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद मस्जिद समितियों और इमामों ने भी नमाजियों से अपील की कि वे सड़क या मुख्य मार्गों पर नमाज न पढ़ें।
शहर के नाखोदा मस्जिद सहित रायड स्ट्रीट, बेनियापुकुर, खिदिरपुर, मोमिनपुर, तपसिया और पार्क सर्कस इलाके की कई मस्जिदों में अधिकांश लोगों ने मस्जिद परिसर के भीतर ही नमाज अदा की।
भीड़ अधिक होने के कारण कुछ स्थानों पर लोगों को जगह नहीं मिली, जिसके चलते सीमित संख्या में लोगों को पास के फुटपाथ पर अस्थायी रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई।
नाखोदा मस्जिद में पुलिस ने सुबह से ही घोषणा कर दी थी कि नमाज परिसर के भीतर ही होगी। बाद में मस्जिद ट्रस्टियों ने भीड़ को देखते हुए आगे से दो शिफ्ट में नमाज कराने पर विचार करने की बात कही है।
राजाबाजार इलाके में एक स्थान पर पुलिस और कुछ लोगों के बीच थोड़ी देर के लिए बहस की स्थिति बनी, हालांकि स्थानीय लोगों और मस्जिद समितियों के हस्तक्षेप से मामला तुरंत शांत हो गया। पूरे शहर में नमाज के समय यातायात व्यवस्था सामान्य रही और कहीं भी बड़े जाम की स्थिति नहीं देखी गई।
कोलकाता के तिलजला में पे-लोडर हटने पर अदा की गई नमाज
कोलकाता के तिलजला इलाके में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक निर्माण ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान पे-लोडर को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच लगभग छह घंटे तक गतिरोध चला। यह स्थिति उस समय बनी जब इलाके की एक मस्जिद के सामने स्थित दो इमारतों को गिराने का काम चल रहा था।
स्थानीय लोगों और नमाजियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि नमाज के समय पे-लोडर को वहां से हटाया जाए ताकि वे शांतिपूर्वक नमाज अदा कर सकें। लंबे समय तक चली बातचीत और तनाव के बाद प्रशासन ने पे-लोडर को हटाने का निर्णय लिया।
पे-लोडर हटाए जाने के बाद नमाजियों ने उसी खाली स्थान पर शुक्रवार की नमाज अदा की। नमाज के बाद सुरक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करते हुए बैरिकेड्स लगा दिए गए और सड़क पर आवाजाही सीमित कर दी गई।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होना तय
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चलाया जा रहा था और काम पूरा होने के बाद पे-लोडर को वापस भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारतों को अवैध बताकर गिराने की कार्रवाई तो उचित हो सकती है, लेकिन निवासियों को अपना घर खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। कई विस्थापित परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें अचानक घर छोड़ना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।