अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को नोबेल पुरस्कार पर अपना पुराना रुख पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार की कोई परवाह नहीं है।
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब एक दिन पहले ही उनकी नॉर्वे के PM को लिखी धमकी भरी चिट्ठी सामने आई थी।
इस चिट्ठी में ट्रंप ने लिखा था कि उन्हें दुनिया में शांति के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अब वे सिर्फ अमेरिका की भलाई के बारे में सोचेंगे।
ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार पर रुख बदला
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कहते रहे थे कि वह इस पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने इसके लिए पिछले साल कैंपेन भी किया था, जिसमें उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाने में मदद करने का क्रेडिट लिया था।
एक पत्रकार से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नोबेल प्राइज की कोई परवाह नहीं है। सबसे पहले, एक बहुत अच्छी महिला को लगा कि मैं इसके लायक हूं और वह सच में चाहती थी कि मुझे नोबेल प्राइज मिले।
मैं इसकी सराहना करता हूं। अगर किसी को लगता है कि नॉर्वे नोबेल प्राइज को कंट्रोल नहीं करता, तो वे मजाक कर रहे हैं।’
बता दें हाल ही में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल दिया था। यह पुरस्कार उन्हें कुछ महीने पहले मिला था।
नॉर्वे के PM को पत्र लिखकर बताई मंशा
सोमवार को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा, ‘प्रिय जोनस: यह देखते हुए कि आपके देश ने 8 से ज्यादा युद्ध रोकने के बावजूद मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया है, अब मुझे पूरी तरह से शांति के बारे में सोचने की कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती। हालांकि यह हमेशा प्रमुख रहेगा, लेकिन अब मैं सोच सकता हूं कि अमेरिका के लिए क्या अच्छा और सही है।