अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि इजरायल और अन्य सहयोगी देशों के साथ बातचीत के बाद ईरान के साथ एक शांति समझौता काफी हद तक तय हो गया है। ट्रंप के अनुसार, औपचारिक घोषणा से पहले समझौते के अंतिम विवरणों पर चर्चा की जा रही है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “एक समझौता काफी हद तक तय हो गया है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और सूची में शामिल अन्य विभिन्न देशों के बीच अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।” उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से बात की जो बहुत अच्छी रही।
समझौते को अंतिम रूप दिया जाना बाकी
उन्होंने इसे शांति से संबंधित एक समझौता ज्ञापन बताया, जिसे अभी भी संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और शनिवार की बातचीत में शामिल अन्य देशों द्वारा अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा, “इस चरण पर हमारा ध्यान थोपे गए युद्ध को समाप्त करने पर है। हमारा इरादा सबसे पहले 14 बिंदुओं वाले एक समझौते पर सहमति बनाना रहा है। जिन मुद्दों पर चर्चा हो रही है, उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है (जिसमें लेबनान सहित सभी मोर्चे शामिल हैं)। प्रमुख विषयों में अमेरिकी समुद्री हमलों को रोकना या जिसे वे खुद नौसैनिक नाकाबंदी कहते हैं और ईरान की जब्त संपत्तियों की रिहाई से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि तेहरान होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान केवल गुजरने वाले जहाजों की संख्या को युद्ध-पूर्व के स्तर पर वापस लाने पर सहमत हुआ है, लेकिन इसका किसी भी तरह से यह मतलब नहीं है कि युद्ध से पहले जैसी ‘मुक्त आवाजाही’ (free passage) फिर से शुरू हो जाएगी।
परमाणु शांति समझौता?
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ एक प्रस्तावित समझौते के तहत अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है।
दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान ने यूरेनियम भंडार को छोड़ने को लेकर प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि ऐसा करने की सटीक प्रक्रिया पर बाद में औपचारिक परमाणु वार्ता के दौरान बातचीत की जाएगी।
ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार का मुद्दा युद्ध को समाप्त करने पर हो रही चर्चाओं में वाशिंगटन की प्रमुख मांगों में से एक रहा है।