तमिलनाडु के एलआईसी कार्यालय में आगजनी मामले में नया मोड़ सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस घटना में घायल हुए अधिकारी ने ही कथित तौर पर प्रबंधक को जिंदा जला दिया…

तमिलनाडु एलआईसी कार्यालय में लगी आग की चपेट में आकर वरिष्ठ प्रबंधक की मौत की जांच में नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, जांच में यह एक सहायक अधिकारी द्वारा की गई हत्या निकली।

एलआईसी कार्यालय में आग लगने और उसके परिणामस्वरूप प्रबंधक की मौत की घटना 17 दिसंबर को रात 8.15 बजे हुई थी। आरोपित अधिकारी राम को पांव में जलने के निशान के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जांच में पता चला कि यह हत्या का मामला है और पुलिस ने राम को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार, 55 वर्षीय वरिष्ठ शाखा प्रबंधक कल्याणी नंबी ने कार्यभार संभालने के बाद सहायक प्रशासनिक अधिकारी राम से संबंधित दस्तावेज अनियमितताओं की जांच शुरू की।

नंबी ने राम को दस्तावेजों पर पेट्रोल डालकर जलाते देखा और अपने बेटे को बुलाने की कोशिश की। यह देखकर राम ने कथित तौर पर उन पर भी पेट्रोल डाला दिया और उस कमरे में धकेल दिया जहां दस्तावेज जल रहे थे और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।

कल्याणी नंबी के बेटे लक्ष्मी नारायणन ने थिलागर थिदल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आग लगने से कुछ क्षण पहले कल्याणी नंबी द्वारा किए गए घबराए हुए फोन काल का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया था। इसके बाद संदेह पैदा हुआ। कल्याणी के शव का पोस्टमार्टम किया गया।

पुलिस ने कार्यालय और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और संदेह राम की ओर मुड़ गया, जिसका उस समय इलाज चल रहा था। पूछताछ के बाद राम ने वारदात कबूल की।

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